हरदुआ के पूर्व प्रधान समेत सात पर धोखाधड़ी का मुकदमा
- किसान की मौत के बाद पत्नी की जमीन पर फर्जी दान पत्र लिखवाने का मामला
- अदालत के आदेश पर चरवा कोतवाली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। चरवा कोतवाली के हरदुआ गांव में पति की मौत के बाद पत्नी को पेंशन दिलाने का लालच देकर उसके पट्टीदारों ने पूर्व प्रधान की मिली भगत से तहसील ले जाकर फर्जी दान पत्र लिखवा लिया। जानकारी होने के बाद पीड़िता ने कोतवाली समेत पुलिस के आला अफसरों से शिकायत की। कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का सहारा लिया। मामले में कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को पुलिस ने आरोपी पूर्व प्रधान समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
हरदुआ निवासी शिवानी देवी ने बताया कि उसके पति रामनाथ की 27 अक्तूबर 2022 को मौत हो गई है। उसके कोई पुत्र नहीं है। वह अपने तीन बेटियों के साथ घर पर रहती है। बेटियां ही उसकी देखभाल करती हैं। बताया कि पति की मौत के बाद जनवरी 2023 में दो पट्टीदार और गांव का ही पूर्व प्रधान वृद्धा को पेंशन दिलाने के बहाने उसे चायल तहसील ले गए। आरोप है कि तहसील में उसकी जमीनों का दान पत्र लिखा लिया गया। इसकी जानकारी होने पर उसके होश उड़ गए। उसने पट्टीदारों के घर जाकर इसका उलाहना दिया। आरोप है कि पट्टीदारों ने उसके साथ गाली गलौज कर बेटियों समेत घर से बाहर निकाल कर ताला बंद कर लिया। पीड़ित महिला ने स्थानीय पुलिस के साथ ही आला अफसरों से शिकायत की। कहीं से इंसाफ नहीं मिलता देख पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को चरवा पुलिस ने पूर्व प्रधान बेनी प्रसाद, राम औतार, भोंदल, छोटू, राम भरोस, सुगिया देवी पत्नी राम नेवाज, मीरा पत्नी राम मनोहर समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है।