पीसीसी सदस्य सहित चार पद से हटाए गए
- तीन में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर छह साल के लिए पद से कर दिए जाएंगे बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। राष्ट्रीय सचिव के सामने की गई अनुशासनहीनता मामले में कांग्रेस नेतृत्व ने एक पीसीसी सदस्य सहित चार पदाधिकारियों को पद से हटा दिया है। इन्हें नोटिस भेज दी गई है। तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देने पर छह साल के लिए पार्टी से भी निष्कासित कर दिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव में मिली हार के कारणों की शुक्रवार को समीक्षा बैठक थी। ओसा स्थित अतिथि गृह में राष्ट्रीय सचिव बाजीराव खाड़े के सामने ही पार्टी के नेता आपस में भिड़ गए थे। इन्होंने अनुशासनहीनता करने में किसी तरह की कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। राष्ट्रीय सचिव ने इसकी रिपोर्ट शनिवार रात ही पार्टी नेतृत्व को सौंप दी थी। इसके बाद अनुशासन समिति के सदस्य और पूर्व विधायक विनोद चौधरी ने पीसीसी सदस्य गौरव पांडेय, सेवा दल जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र शुक्ला, महिला विंग की अध्यक्ष विजमा केसरवानी व रवि प्रकाश उर्फ रावेन्द्र को तत्काल पद से हटा दिया। उन्होंने बताया कि दोषी पार्टी पदाधिकारियों ने तीन दिन के भीतर नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो सभी को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा।