अभियुक्त सैय्यद मो. शिस्ते असगर उर्फ बस्सन।
एडीजे स्पेशल एससीएसटी कोर्ट शिरीन जैदी की अदालत ने 14 साल पुराने हत्या के एक मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने हत्या के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही सभी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
करारी कोतवाली के लहना निवासी हरीलाल 15 अगस्त 2010 को गांव के ही प्राइमरी स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान पड़ोसी तीरथ, सैयद मोहम्मद सिप्ते असगर एवं जीशान असगर के ललकारने पर नक्कन ने उसे दौड़ाकर गोली मार दी थी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस दौरान हत्यारों ने जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया था। मामले में मृतक की पत्नी शांति देवी की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या एवं एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। विवेचनात्मक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमा एडीजे स्पेशल एससीएसटी कोर्ट शिरीन जैदी की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता पंकज सोनकर व धर्मेंद्र मौर्य ने कुल नौ गवाहों को अदालत में प्रस्तुत कर गवाही कराई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के साथ ही पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन कर अदालत ने मंगलवार को फैसला सुना दिया।
अभियुक्त सैय्यद मो. शिस्ते असगर उर्फ बस्सन।
अभियुक्त सैय्यद मो. शिस्ते असगर उर्फ बस्सन।
अभियुक्त सैय्यद मो. शिस्ते असगर उर्फ बस्सन।