रविवार सुबह प्यास से व्याकुल बारहसिंघा सिराथू गंगा के कछार स्थित अफजलपुर सातों गांव में घुस गया। ग्रामीणों ने बारहसिंघा को हांफते हुए देखा तो उसे पकड़कर पानी पिलाया। इसके बाद जानकारी वन कर्मियों को दी। मगर देर शाम तक गांव में कर्मी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने बारह सिंघा को सुरक्षित रखा है।
अफजलपुर सातों गांव गंगा नदी के किनारे बसा है। इस क्षेत्र में हिरण की कई प्रजातियां हैं। रविवार सुबह प्यास से तड़प रहा एक बारहसिंघा गांव में घुस आया। ग्रामीणों ने देखा तो उसको पकड़ लिया। उसको पानी पिलाया। बारहसिंघा देखने वालों का गांव में खासा मजमा लग गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी। डीएफओ को भी जानकारी देने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। देर शाम तक वहां कर्मचारी नहीं पहुंचे। उल्लेखनीय है कि एक माह पहले शिकारियों ने एक हिरण को गोली मार दी थी। हिरण जिला मुख्यालय के समीप स्थित बबुरा गांव में मिला था। हिरण की मौत इलाज के दौरान हुई थी। वन विभाग यह मानने को तैयार ही नहीं कि जिले में हिरण पाए जाते हैं।