मंझनपुर (ब्यूरो)। कुपोषण मिटाए बगैर स्वस्थ समाज की स्थापना नहीं की जा सकती। इस बीमारी से निपटने के लिए जन-जन को जागरूक करना होगा। आशा, एएनएम समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी, कर्मचारी पूरी लगन और ईमानदारी के साथ कुपोषण मिटाने की मुहिम में जुटें। यह सभी की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उक्त बातें डीएम एके सिंह ने बृहस्पतिवार को मोअज्जमपुर गांव में आयोजित स्वास्थ्य मेले में कहीं।
बता दें कि मंझनपुर तहसील के मोअज्जमपुर गांव को डीएम ने गोद ले रखा है। इस गांव में बृहस्पतिवार को चिकित्सा विभाग की ओर से स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम अनिल कुमार सिंह ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहाकि अगर जन सामान्य का स्वास्थ्य ठीक रहेगा, तभी स्वस्थ समाज की परिकल्पना साकार होगी। कुपोषितों का स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें उचित सलाह देना आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग के लोगों की नैतिक जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी से किसी को भी पीछे नहीं हटना चाहिए। क्योंकि समाज को स्वस्थ बनाना समय की मांग है।
इसी से समाज की तरक्की होगी। डीएम ने मेले में लगे टीबी, परिवार नियोजन, फाइलेरिया, मलेरिया, दृष्टि दोष आदि शिविरों का निरीक्षण भी किया। स्वास्थ्य शिविर को और बेहतर तरीके से संचालित करने की सलाह दी। उन्होंने गांव के प्राथमिक स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। हालांकि इस दौरान उन्हें कहीं भी कोई खामी नहीं मिली। इस मौके पर सीएमओ डॉ. राजकुमार, डॉ. एनएच आजाद, डॉ. एनएच हाशमी, डॉ. प्रभुनाथ, डॉ. मुहासिम हैदरी, डॉ. कादिर, डीपीओ राकेश मिश्रा समेत तमाम अधिकारी कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे।