स्थानीय कस्बे के हजरतगंज मोहल्ले में बुधवार सुबह शव दफनाने को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। नौबत खून खराबे की आती, इससे पहले ही राजस्व अफसर व पुलिस मौके पर पहुंच गई। जांच के बाद उसी स्थान पर मृतका का अंतिम संस्कार कराया गया। प्रकरण को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है। हजरतगंज की जगिया देवी (65) पत्नी गरीबदास का मंगलवार रात बीमारी के चलते निधन हो गया था। बुधवार सुबह परिजन मोहल्ले में ही एक स्थान पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। तभी कस्बे का मो. हारून वहां पहुंच गया और भूमि को अपना बताते हुए अंतिम संस्कार का विरोध करने लगा। इसे लेकर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इनके बीच गाली गलौज तक शुरू हो गई।
नौबत मारपीट की आती, इससे पहले ही किसी ने मामले की जानकारी नगर कोतवाली पुलिस को दे दी। खबर मिलते ही कोतवाल मनीष कुमार पांडेय फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी को प्रकरण से अवगत कराते हुए तहसीलदार को बुलाया। कोतवाल ने बताया कि किन्हीं कारणों से पैमाइश नहीं कराई जा सकी। वहां पर पहले से ही कई कब्रिस्तान बने हुए थे। इसलिए उसी स्थान पर महिला के शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। इससे पहले दो घंटे तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। दोनों पक्षों की पुलिस से भी नोंकझोंक हुई। कोतवाल का कहना है कि फिलहाल किसी के खिलाफ कोई केस नहीं दर्ज किया गया है। दोनों तरफ के लोगों की गतिविधियों पर निगाह रखी जा रही है। किसी ने भी कानून हाथ में लेने की कोशिश की तो रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी।