ट्रांसफार्मर चोर गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार
पुलिस ने लोडर में लदे जिले के विभिन्न हिस्सों से चुराए गए दस ट्रांसफार्मर किए बरामद
पकड़े गए सदस्यों में विद्युतीकरण कराने वाली कंपनी के दो कर्मचारी भी थे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। पुलिस ने बिजली के ट्रांसफार्मर चुराने वाले गैंग का खुलासा कर पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से चोरी के दस ट्रांसफार्मर व एक लोडर भी बरामद हुआ है। इनमें दो लोग सौभाग्य योजना से विद्युतीकरण कराने वाली कंपनी के कर्मचारी हैं। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है।
शुक्रवार को ऑफिस में मीडिया से मुखातिब एसपी अभिनंदन ने बताया कि जिले के सरायअकिल, पश्चिमशरीरा व चरवा कोतवाली इलाके से ट्रांसफार्मर चोरी हुए थे। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस चोरी गए ट्रांसफार्मर को बरामद करने के लिए प्रयास कर रही थी। सुबह करीब सात बजे चरवा इंस्पेक्टर संत शरण सिंह को सूचना मिली कि एक लोडर पर कुछ लोग चोरी के दो ट्रांसफार्मर लोड कर बेचने जा रहे है। चरवा पुलिस ने सरायअकिल इंस्पेक्टर पीके सिंह व पश्चिमशरीरा थानाध्यक्ष योगेश तिवारी के साथ दबिश दी। पिकअप में सरायअकिल के पुराना खोपा निवासी अवधेश कुमार, चित्तापुर निवासी शक्तिमान और प्रयागराज के धूमनगंज कोतवाली अंतर्गत गयासुद्दीनपुर निवासी सूरज पकड़े गए। एसपी का कहना है कि सूरज और अवधेश ने बताया कि दोनों विश्वनाथ एंड कंपनी के कर्मचारी हैं। दोनों लोग लोग तार खींचने या ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की बात कहकर ग्रामीणों को गुमराह करते थे। इसके बाद ट्रांसफार्मर खोल लिया जाता था। शक्तिमान लोडर की व्यवस्था करता था। इसके बाद यह ट्रांसफार्मर प्रयागराज के मुंडेरा में चंद्रमोहन साहू व नैनी निवासी मनीष पांडेय को बेच दिया जाता था। पुलिस ने मनीष पांडेय व राजेश साहू को गिरफ्तार कर उनके पास से आठ ट्रांसफार्मर बरामद किए। पकड़े गए सभी आरोपियों को जेल भेजा गया है। एसपी का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ ट्रांसफार्मर चोर गैंग का चार्ट बनाकर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई होगी।
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धोखाधड़ी का भी होगा मुकदमा
मंझनपुर। ट्रांसफार्मर गिरोह के सदस्य चोरी करने के बाद उसकी प्लेट बदल दिया करते थे। नंबर को मिटाया जाता था और बाद में नए नंबरों की खुदाई की जाती थी। इसपर पकड़े गए गिरोह के सदस्यों पर धोखाधड़ी का केस भी लगाया जाएगा।
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ट्रांसफार्मर चोरी के खेल में फंस सकते हैं विद्युतकर्मी
बिना शट डाउन के नीचे नहीं उतारा जा सकता ट्रांसफार्मर
चोरी की घटना के दिन किसकी थी उपकेंद्र में ड्यूटी मांगी गई सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। ट्रांसफार्मर चोर गैंग का खुलासा होने के बाद अब बिजली विभाग पर शिकंजा कसने की तैयारी है। जिस दिन ट्रांसफार्मर चोरी हुए, उस दिन किसने शट डाउन दिया और लेने वाला कौन था? इसका सूची पुलिस विभाग ने एक्सईएन से मांगी है। गिरोह के सदस्यों से भी पुलिस पूछताछ करेगी।
जिले में बिजली विभाग की ही मिलीभगत से ट्रांसफरर्मर चोरी हो रहे थे। इससे पूर्व सरायअकिल में कुछ लोग चोरी के ट्रांसफार्मर के साथ पकड़े गए थे। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों में विद्युतीकरण कराने वाली कंपनी विश्वनाथ के दो कर्मचारी भी शामिल थे। इन कर्मचारियों ने गांवों में विद्युतीकरण कराया था। इस वजह से ट्रांसफार्मर खोले जाने के दौरान किसी ग्रामीण को शक नहीं होता था। जब गांव के लोग वर्कशाप में पता करते थे, तभी मालूम चलता था कि ट्रांसफार्मर चोरी हो चुका है। बिजली विभाग के सूत्रों के अनुसार एक ट्रांसफार्मर को नीचे उतारने में करीब एक घंटे का वक्त लगता है। ऐसे में जाहिर है कि बिजली विभाग के कर्मचारी की मिलीभगत के बगैर ट्रांसफार्मर नीचे उतारा ही नहीं जा सकता। एसपी अभिनंदन का कहना है कि एक्सईएन को भी इस बाबत जांच कराने के लिए कहा गया है। पुलिस भी प्रयास कर रही है। जिस किसी का भी नाम प्रकाश में आएगा, विवेचना में उसका भी नाम शामिल करके कार्रवाई की जाएगी।
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मार्च में विश्वनाथ कंपनी का जिले में पूरा हो चुका है काम
मंझनपुर। ट्रांसफार्मर चोरी में पकड़े गए अवधेश व सूरज विश्वनाथ कंपनी में काम करने का दावा कर रहे हैं। इस कंपनी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत 1310 मजरों में विद्युतीकरण कराया था। मार्च में कंपनी का काम पूरा हो चुका है। अनुबंध के मुताबिक जिन स्थानों पर कंपनी ने बिजली का काम कराया है वहां दो साल तक कंपनी के ही ट्रांसफार्मर खराब होने पर बदलने की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त एलएंडटी ने भी विद्युतीकरण कराया है। गांव के मजरे तो रोशन हो गए, लेकिन चोर गिरोह के कारण ग्रामीणों को ज्यादा दिन तक बिजली नसीब नहीं हो सकी।