जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान परिसर में खड़ी प्राईवेट एुंलेंस को सीज करने का निर्देश देते सीडीओ।
- फोटो : amar ujala
मुख्य विकास अधिकारी ने शुक्रवार सुबह जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल से गायब रहे पांच चिकित्सकों और सात स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोकते हुए परिसर में खड़े दो निजी एंबुलेंस को सीज कराते हुए उनको सदर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। सीडीओ की इस कार्रवाई से शुक्रवार को महकमे में हड़कंप मचा रहा।
सीडीओ दिनेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को संयुक्त जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें सीएमएस डॉ. दीपक सेठ मौके पर मौजूद मिले। अस्पताल से डॉ. डीआर सिंह, डॉ. बिंदु प्रताप सिंह, डॉ. धीरेंद कुमार और डॉ. राजेंद्र मणि त्रिपाठी समेत पांच डॉक्टर, इनके अलावा स्टाफ नर्स रीता देवी, प्रियंका, डीईओ हरिओम पांडेय, ब्लड बैंक के एलटी अभिषेक सिंह, शिव प्रताप सिंह, धर्मराज व एएनएम सुमित्रा देवी अनुपस्थित मिले।
सीडीओ ने पांच चिकित्सकों सहित सात स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन काटने का निर्देश सीएमएस को दिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में दो निजी एंबुलेंस खड़ी मिली। लोगों ने बताया कि इस निजी एंबुलेंस से अस्पताल आने वाले मरीजों को स्टाफ निजी नर्सिंगहोम डरा-धमका कर भेज देते हैं। इस पर सीडीओ ने दोनों एंबुलेंस को सदर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द करते हुए सीज करने का निर्देश दिया।
अस्पताल में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिलने और कर्मचारियों के यूनिफार्म में नहीं दिखने पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए मे. गोबल एजेंसी को चेतावनी दी। ओपीडी में विद्युत आपूर्ति बाधित रहने पर जनरेटर आपरेटर को बुलाकर उसकी लॉगबुक चेक की। लॉग बुक अपूर्ण मिलने पर प्रतिदिन जनरेटर कितने घंटे चला इसे दर्ज करने को कहा। इसके अलावा सीडीओ ने एनआरसी व बर्न यूनिट का निरीक्षण कर मरीजों का हाल जाना। यहां पर उन्हें सब कुछ ठीक मिला। सीडीओ द्वारा वेतन रोके जाने और वाहन सीज किए जाने की कार्रवाई से अस्पताल में हड़कंप रहा।