जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 23 जुलाई को मतदान होगा। इसी दिन परिणाम आएगा। अध्यक्ष की कुर्सी के लिए फिलहाल अभी अनामिका सिंह व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधुपति ही दावेदार के रूप में सामने हैं। चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही अधिकांश सदस्य गायब हो गए हैं। इनसे लोगों का संपर्क भी टूट गया है। यह लोग किसके पाले में हैं? इसको लेकर राजनीतिक परेशान हैं।
निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मधुपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव वार्ड नंबर 20 की जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह ने लाया था। अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई की तारीख भी घोषित हो चुकी थी लेकिन भाजपा में इंट्री मारने के बाद मधुपति ने पैंतरा बदलते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नतीजतन शासन को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराना पड़ रहा है।
आगामी 23 जुलाई को मतदान होगा और इसी दिन रिजल्ट घोषित किया जाएगा। तारीख घोषित होते ही अनामिका सिंह व मधुपति के समर्थकों ने अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व विधायक वाचस्पति अपनी पत्नी मधुपति को दोबारा कुर्सी दिलाने के लिए एड़ीचोटी का जोर लगाए हुए हैं। वहीं पूर्व प्रमुख सोनू सिंह अपनी पत्नी अनामिका सिंह को जिले की प्रथम नागरिक बनवाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं।
इस चुनावी जंग का सबसे अहम हथियार जिला पंचायत सदस्य हैं। कुल 29 सदस्य हैं। इनमें से अधिकांश सदस्य गायब हो चुके हैं। ये सदस्य किसके साथ हैं और किसके पक्ष में हैं? इसको लेकर स्थिति स्पष्ट भी नहीं है। राजनीतिक दलों के लोग भी चुनाव को लेकर पशोपेश में हैं। कौन किस पर भारी पड़ रहा है? इसकी तस्वीर साफ नहीं हो रही है।