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न उपकरण, न कर्मी, कै से बुझेगी ‘आग’

Fri, 24 Mar 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कौशाम्बी
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कौशाम्बी जिला के सृजन को 20 बरस बीत गए हैं। आग से सुरक्षा के लिए तीन फायर स्टेशन बनाए गए हैं। जहां पर न तो पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही उपकरण। पानी, उपकरण, गाड़ी, कर्मचारी की कमी से विभाग जूझ रहा है। विभागीय अफसर सालाना मांग पत्र भेज रहे हैं, लेकिन सुविधाएं अब तक नहीं मिली हैं। जिसका खामियाजा जिले के लोगों को भुगतना पड़ता है।
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दोआबा के 20 लाख की आबादी में आग की घटनाओं से निपटने के लिए तीन फायर स्टेशन हैं। फायर स्टेशन पर विभागीय उच्चाधिकारियों की अनदेखी से दमकल, मोटर फायर इंजन, रेस्क्यू व्हेकिल, हाईप्रेशर डिस्चार्ज मशीन, जी जेंडर आदि उपकरण नहीं है। स्टेशन पर दमकल में पानी भरने का इंतजाम भी सिफर है। अफसर से लेकर फायरमैन तक की कमी है। कर्मचारी और संसाधनों की कमी के कारण ही आग लगने की ज्यादातर घटनाओं में फायर ब्रिगेडकर्मी  सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंच पाते। जिसके कारण जिले मेें आग से प्रतिवर्ष करीब 2-3 करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो जाती है। मोटर फायर इंजन, जेट पंप, हाईप्रेशर डिस्चार्ज मशीन और कर्मचारियों के लिए विभाग के उच्चाधिकारों को सैकड़ों बार मांग पत्र भेजा गया है, लेकिन दमकल विभाग की बदहाली पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बदइंतजामी में आग की घटनाआें पर काबू पाना आसान नही है।  

मशीनरी उपलब्धता पर एक नजर
मोटर फायर इंजन (ए)        9   में  3
मोटर फायर इंजन (बी)       9   में  3
पंप                           9   में  6
वाटर बाउचर                 03    नही
रेस्क्यू व्हेकिल                03    नहीं
कैम्फेर                       03     नहीं
हाईप्रेशर डिस्चार्ज            03      01
जी टेंडर                      एक भी नहीं

सृजित पदों की संख्या         मौजूद संख्या
एफएसओ     3                   0
एफएसएसओ  4                  1
एलएफएम    8                   3
एएसएम      1                    0
एफएम      53                   32
ड्राइवर       7                    5

नहाने का पानी करते हैं स्टोर
फायर स्टेशन मंझनपुर में पानी की ऐसी किल्लत है, कि आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ी में कर्मचारी नहाने, कपड़ा धुलने से निकलने वाला पानी स्टोर करके भर लेते हैं। पानी स्टोर करने के लिए स्टेशन परिसर में कर्मचारियों ने गड्ढा खोद रखा है। वहीं सिंचाई के लिए चलने वाले निजी ट्यूबवेल व जल निगम के नलकूप से दमकल में पानी लोड किया जाता है।
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90 दिन में हुई 30 अगलगी की घटनाएं
जिले में जनवरी से लेकर अब तक आगजनी की 30 घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पीड़ितों का करीब 5-6 लाख रुपये की संपत्ति आग की भेंट चढ़ चुकी है। उपकरण के अभाव में दमकल कर्मी घटनास्थल तो पहुंचते हैं। इससे पहले वहां सबकुछ खत्म हो जाता है।

आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए मोटर फायर इंजन, जेटपंप, हाईप्रेशर डिस्चार्ज मशीन और कर्मचारियों की मांग करते हुए पत्र भेजा गया है। माहवार रिपोर्ट और मांग पत्र लगातार भेजा जा रहा है, पूरा प्रयास है कि जल्द ही उपकरण व कर्मी मिल जाएंगे।
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राधेमोहन मिश्र
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी कौशाम्बी
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