चायल विधायक संजय गुप्ता अपने क्षेत्र में इलाज के लिए परेशान हैं और डिप्टी सीएम के अस्पताल सिराथू सीएचसी से दवाएं गायब हैं। चायल विधायक ने तीन दिन में तमाम प्रयास कर लिए, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। सिराथू सीएचसी के स्टॉफ को डिप्टी सीएम का भी खौफ नहीं है। यहां डॉक्टरों के न रहने से गुरुवार को कई मरीजों को वापस लौटना पड़ा। वहीं फिल्म न होने से एक्सरे कराने आए लोगों को निजी लैब जाना पड़ा।
सिराथू सीएचसी में कई दिनों से दवाएं नहीं हैं। एंटीबायोटिक के साथ खांसी का सिरप भी नहीं है। दवा न होने पर प्रतिदिन यहां से मरीज वापस किए जाते हैं। डॉक्टरों की उपस्थिति भाजपा सरकार बनने के बाद भी नियमित नहीं हो सकी है। अस्पताल में एंटीरैबीज का इंजेक्शन नहीं है। गुरुवार को कई लोग एंटीरैबीज इंजेक्शन लगवाने आए थे, लेकिन इंजेक्शन न होने पर उन्हें मजबूरन जिला अस्पताल आना पड़ा। रामपुर धमांवा गांव की श्रद्धा तिवारी पुत्री दिलीप तिवारी का हाथ टूट गया है। परीक्षण के बाद एक्सरे के लिए भेजा गया। एक्सरेज कक्ष में श्रद्धा गई तो पता चला कि फिल्म नहीं है, इसलिए एक्सरे नहीं हो सकता। श्रद्धा को निजी लैब में जाकर एक्सरे करवाया गया, इसके बाद उपचार हुआ।
यही हाल चंद्रपाल पुत्र राजाराम और काजू निवासी मुकुंद द्विवेदी का था। मुकुंद द्विवेदी को क्षय रोग की संभावना पर एक्सरे के लिए भेजा गया था, लेकिन उन्हें भी बाहर जाकर इलाज कराना पड़ा। रीनी पुत्री राजकुमार को खांसी आ रही थी। नौ साल की रीनी खांसते-खांसते बेदम हो जाती थी। डॉ.पुष्पेश वर्मा ने जांच के बाद दवा लिखी, लेकिन स्टोर में दवा थी नहीं। न दवा मिली , न ही सिरप। इससे रीनी के पिता राजकुमार गुस्से में दिखे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. हेमंत अपने कक्ष से गायब थे। पूछने पर बताया गया कि वह मीटिंग में गए हैं। मीटिंग में कहां गए हैं, यह किसी ने नहीं बताया। इस अस्पताल का रात में और बुरा हाल हो जाता है। फार्मासिस्ट के अलावा यहां डॉक्टर मिलता ही नहीं। सीएमओ डॉ. एसके पांडेय का कहना है कि अस्पतालों की सेवा में विस्तार किया जा रहा है। जल्द ही अस्पताल में दवा पहुंचा दी जाएगी। इसके अलावा यदि कोई कर्मी अनुपस्थित रहता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।