कौशाम्बी क्षेत्र में बारिश के बाद खेतों में भरा पानी। संवाद
जिले में बुधवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा रहा, दोपहर में कुछ देर के लिए तीखी धूप निकली और फिर बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। कौशांबी और सरसवां ब्लॉक क्षेत्र में दोपहर बाद करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई, जिससे खेत जलमग्न हो गए और किसानों के चेहरों पर खिलखिलाहट लौट आई। वहीं दूसरी ओर चायल, नेवादा, सिराथू और कड़ा क्षेत्र में बारिश न होने के कारण किसान अब भी अच्छी वर्षा की आस लगाए बैठे हैं।
वहीं सरसवां क्षेत्र में तेज बारिश के बाद खेत लबालब भर गए हैं। पानी की कमी के कारण अब तक धान की रोपाई टाल रहे किसानों ने एक बार फिर खेतों का रुख कर लिया है। पश्चिम शरीरा क्षेत्र के किसान गंगा महाराज, संतोष केसरवानी और सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस सीजन की यह पहली सबसे अच्छी बारिश है। इससे धान की रोपाई की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं। कई किसान, जो पानी की किल्लत के चलते कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों की बुवाई का मन बना चुके थे, अब दोबारा धान लगाने की तैयारी में जुट गए हैं।
बारिश के बाद घंटों गुल रही बिजली
कनैली। बारिश के बाद जिले के कौशाम्बी व सरवसां ब्लॉक के तराई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था फिर से चरमरा गई। शाम को हुई वर्षा के बाद चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
बिजली गुल होने से घरों में अंधेरा छा गया। पंखे और कूलर बंद होने से उमस और गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मच्छरों के प्रकोप से भी ग्रामीण रातभर परेशान रहे। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे के कारण सांप, बिच्छू समेत अन्य जीव-जंतुओं का डर बना रहता है।
लोगों ने बताया कि बारिश होते ही बिजली कटौती आम बात हो गई है। विभाग को फॉल्ट दूर कर जल्द आपूर्ति बहाल करनी चाहिए, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।
कौशाम्बी क्षेत्र में बारिश के बाद खेतों में भरा पानी। संवाद
कौशाम्बी क्षेत्र में बारिश के बाद खेतों में भरा पानी। संवाद