मंझनपुर। करारी इलाके में अरका फतेहपुर गांव के समीप सोमवार सुबह नदी किनारे मिली सिर कटी लाश अंजली की थी। सरायअकिल क्षेत्र के मवई गांव में रहने वाली अंजली को झूठी शान की खातिर उसके पिता और चाचा ने ही मौत के घाट उतारा था। ‘अमर उजाला’ ने बुधवार के अंक में ही इस घटना का खुलासा कर दिया था।
लड़की की लाश अर्धनग्न अवस्था में थी। ऐसे में सामूहिक दुराचार के बाद हत्या की आशंका जताई गई, लेकिन अधोवस्त्र में मोबाइल मिलने के कारण पुलिस को शुरुआती दौर से ही शक हो गया था कि किसी अपने ने ही उसको मौत के घाट उतारा होगा। पुलिस इसी बिंदु पर जांच कर रही थी। बुधवार को अपने कार्यालय स्थित दुर्गा भाभी सभागार में पत्रकार वार्ता करते हुए एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मृतका के पास मिले मोबाइल नंबर पर सेव नंबरों को ट्रेस किया गया तो उसी रोज उसकी शिनाख्त अंजली (16) निवासी मवई सरायअकिल के रूप में हुई। इसके पिता देशराज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पहले वो टालमटोल करता रहा। बाद में कर्रा करने पर बताया कि 31 मई को उसने अपने घर पर अंजली को पड़ोस के एक युवक के साथ देख लिया था। अंजली लाख मना करने के बाद भी प्रेमी के साथ रहने की जिद पर ही अड़ी हुई थी। इसलिए रविवार शाम मौसी के यहां कोखराज चलने का बहाना कर अंजली को साथ ले गया। संग में अंजली का रिश्ते का चाचा मुनेश पुत्र मैकू भी था। दोनों ने अरका फतेहपुर में नदी किनारे लाकर धारदार हथियार से गला काटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक ने खुलासे में शामिल करारी एसओ राजेश सिंह, एसआई धर्मेन्द्र कुमार वर्मा, आरक्षी विष्णु पाल सिंह व ओमप्रकाश यादव आदि की पीठ थपथपाई है।