फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: डीएपी के लिए किसानों का हंगामा, पुलिस की मौजूदगी में हुआ वितरण

Thu, 30 Oct 2025 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
पइंसा में खाद वितरण बंद होने के बाद समिति के बाहर बैठे किसान। संवाद
विज्ञापन
गांव की सहकारी समिति में बुधवार को डीएपी खाद वितरण के दौरान किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालात संभालने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में डीएपी का वितरण किया गया। हालांकि, मात्रा कम होने के कारण कई किसानों को खाद का वितरण नहीं हो सका। ऐसे में किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
विज्ञापन

सहकारी समिति पइंसा में बुधवार को 250 बोरी डीएपी खाद आई थी। सुबह करीब 11 बजे समिति सचिव मोहम्मद हारून और समिति अध्यक्ष जयप्रकाश विश्वकर्मा की मौजूदगी में डीएपी का वितरण किया गया। शुरू में सब कुछ सामान्य रहा लेकिन कुछ ही देर में किसानों की भीड़ बढ़ने लगी।
धक्का-मुक्की और अव्यवस्था बढ़ने पर किसान हंगामा करने लगी। स्थिति को बेकाबू होता देखा सचिव ने इसकी जानकारी पुलिस को दी और वितरण बंद कर दिया गया। थोड़ी देर में पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद डीएपी का वितरण शुरू किया गया।
विज्ञापन

वितरण शाम करीब छह बजे तक किया गया। इसके बाद खाद समाप्त हो गई। ऐसे में कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। किसान यशवंत सिंह, ओंकार सिंह, लवकुश यादव, अमर सिंह, बबली और जगतपाल ने आरोप लगाया कि वह समिति के सदस्य हैं। इसके बावजूद खाद नहीं दी गई। वहीं गैर-सदस्य किसानों को दलालों के माध्यम से खाद दी गई। ग्रामीणों ने जिन किसानों को खाद दी गई है। उनकी जांच की मांग की है।
इसी प्रकार ओसा साधन सहकारी समिति में किसानों को खाद नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान भीम पाल ने बताया कि वे दो दिन से खाद के लिए समिति जा रहे हैं लेकिन डीएपी नहीं मिल रही है। ऐसे में उनकी आलू की फसल की बोआई प्रभावित हो रही है।
समितियों में मांग के सापेक्ष डीएपी की आपूर्ति की जा रही है। पइंसा में खाद कम थी और किसान अधिक पहुंच गए इसलिए समस्या आई है। बृहस्पतिवार को प्राथमिकता से डीएपी भेज दी जाएगी। ओसा के सचिव को अन्य कई जगह का चार्ज है। रोस्टर के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है- मोहसिन जमीन, एआर कोऑपरेटिव

पइंसा में खाद वितरण बंद होने के बाद समिति के बाहर बैठे किसान। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें