सिराथू। जिले में डीएपी का संकट बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सिराथू क्षेत्र के डोरमा कृषक सेवा केंद्र पर खाद के लिए किसानों ने हंगामा किया। केंद्र का ताला बंद करने पर प्रभारी को खदेड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए अपनी निगरानी में डीएपी का वितरण कराया।
डोरमा गांव स्थित पीसीएफ कृषक सेवा केंद्र पर सोमवार को 56 किसानों के बीच 120 बोरी खाद वितरित होने की जानकारी मिलते ही अगले दिन मंगलवार को सुबह आठ बजे ही कई किसान पहुंच गए। सुबह 9.40 बजे केंद्र प्रभारी ब्रम्हदेव दीक्षित ने जैसे ही ताला खोला किसान खाद पाने के लिए धक्कामुक्की के साथ हंगामा करने लगे। इस पर केंद्र प्रभारी ताला बंद कर जाने लगे तो किसानों ने उन्हें खदेड़ लिया। किसी तरह खुद को बचाकर कोतवाली पहुंचे केंद्र प्रभारी ने तहरीर देकर पुलिस की मांग की। उपनिरीक्षक तीर्थराज गौतम पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को संभाला और किसानों को समझाते हुए लाइन लगवाकर प्रति किसान एक बोरी डीएपी का वितरण कराया। इस दौरान भी चहेतों को एक से अधिक बोरी डीएपी देने का आरोप लगाकर किसान बीच-बीच हंगामा करते रहे। बरीपुर के किसान रंजन कुमार, साढ़ो के विनोद कुमार, लोंहदा के कमल कुंज तिवारी, रघुनाथपुर के गिरधारी लाल आदि किसानों ने बताया कि सोमवार को भी सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद खाद नहीं मिलने से मायूस होकर घर लौटना पड़ा था।
इसीलिए मंगलवार की सुबह 8 बजे ही आ गए थे। भीड़ को देखते हुए डीएपी मिलने की संभावना नहीं देख हंगामा करना पड़ा। किसानों का कहना था कि डीएपी नहीं मिलने से फसल की बुआई पिछड़ रही है। विभागीय अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का हल निकालना चाहिए।
समिति का सदस्य होने के बाद भी मुझे डीएपी नहीं मिल पा रही है। दो दिन से परेशान हूं। खाद नहीं मिलने से फसल की बुआई पिछड़ रही है।
- मनोज कुमार यादव, डोरमा
सुबह आठ बजे से केंद्र के बाहर खड़ा हूं। केंद्र खुलने के साथ ही हंगामा होने लगा। दो घंटे की जद्दोजहद के बाद एक बोरी ही खाद मिल पाई है। आखिर इन हालात में खेती कैसे हो पाएगी।
-रामबाबू, अटसरांय
वर्जन
केंद्र को 360 बोरी खाद मिली थी। सोमवार को 56 किसानों में 120 बोरी वितरित कर दी गई। मंगलवार को बड़ी संख्या में आए किसनों के हंगामा करने पर पुलिस बुलाकर प्रति किसान एक बोरी डीएपी वितरित की गई।-ब्रम्हदेव दिक्षित, केंद्र प्रभारी, डोरमा