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गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पा रहे किसान

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गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पा रहे किसान
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लॉकडाउन से अभी तक सिर्फ तीन फीसदी किसान ही पंजीकरण करा सके
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आवारा पशुओं से परेशान किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कोरोनो वायरस की वजह से जारी लॉक डाउन के कारण किसान इस बार समर्थन मूल्य में सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी नहीं करा पा रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले अभी तक सिर्फ तीन फीसदी किसान ही पंजीकरण करा सके हैं।
आमतौर पर हर साल एक अप्रैल से सरकारी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद प्रारंभ हो जाती थी, लेकिन इस मर्तबा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण 14 अप्रैल तक के लिए देशभर में लॉकडाउन होने से ऐसा नहीं हो सका। प्रदेश सरकार ने अब 15 अप्रैल से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। प्रशासन तो अपने स्तर से इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर लिए जाने का दावा कर रहा है, लेकिन किसानों की तैयारी फिलहाल अधूरी है। दरअसल समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण का काम सुस्त है। पिछले साल जिले के 9100 किसानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें से आठ हजार से ज्यादा किसानों ने क्रय केंद्रों पर उपज की बिक्री भी किया था, लेकिन इस मर्तबा अभी तक सिर्फ 300 किसानों का ही पंजीकरण हो सका है। जो पिछले साल के मुकाबले करीब तीन फीसदी है। इसके पीछे लॉकडाउन को जिम्मेदार माना जा रहा है। दरअसल किसानों को उपज की बिक्री के लिए स्वयं ही पंजीकरण कराना पड़ता है। लॉक डाउन में सभी जन सेवा केंद्र और साइबर कैफे बंद होने के कारण यह काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि पंजीकरण की रफ्तार नहीं बढ़ी तो क्रय केंद्रों पर सन्नाटा ही पसरा रहेगा। इसका फायदा बिचौलिए और आढ़ती उठाएंगे।
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फसल तैयार पर बेचने में लाचार
मंझनपुर। सरकार ने कृषि कार्यों को आवश्यक सेवाओं में शामिल कर लिया है। कृषि उपकरणों की आवाजाही पर भी कोई रोक नहीं है। ऐसे में लॉक डाउन के बावजूद हफ्ते भर से फसलों की कटाई-मड़ाई में तेजी आई है। तमाम किसानों की उपज तैयार हो चुकी है, लकिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के अभाव में वह सरकारी केंद्रों पर बिक्री नहीं कर सकेंगे। मजबूरी में किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम पर आढ़तियों के हाथ बेचना पड़ेगा।
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28 क्रय केंद्रों पर होगी 46 हजार एमटी गेहूं की खरीद
मंझनपुर। जिले में गेहूं खरीद 15 अप्रैल से शुरू होगी। शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने सोमवार तक सभी तैयारियां पूरी कर लेने का निर्देश दिया है। स्पष्ट किया गया कि गेहूं लाने, बोरी आदि को लेकर किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिले में 46 हजार एमटी गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अभी तक सिर्फ 28 केंद्र ही खोले गए हैं। जबकि पिछले साल 45 क्रय केंद्र खुले थे। इस बाबत डिप्टी आरएमओ का कहना है कि खरीद की रफ्तार बढ़ने पर केंद्रों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
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उपज के साथ क्रय केंद्र पहुंचने पर भी हो जाएगा पंजीकरण
मंझनपुर। डिप्टी आरएमओ अंशुमाली शंकर ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से किसानों को पंजीकरण कराने में दिक्कत हो रही है। पर, किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। किन्हीं कारणों से पंजीकरण नहीं करा पाने वाले किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पहुंचे। साथ में बैंक पासबुक, खतौनी, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर भी लाएं। उपज की तौल से पहले केंद्र पर ही उनका पंजीकरण करा दिया जाएगा।
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