किसान बोले, कर्जा माफ होना चाहिए
राहुल गांधी अपनी बात का असर छोड़ने में कामयाब रहे। इसका असर उनके जाने के बाद दिखा। टेवां के किसान रामआसरे का कहना है कि वह बोले तो सही ही हैं। किसान का कर्जा माफ होना चाहिए। बड़े लोगों का मोदी जी कर्जा माफ कर दिए, हमारा भी होना चाहिए। टेनशाह आलमाबाद की रामदुलारी, कादीपुर के कंचन, उनौं के भैरों प्रसाद ने भी राहुल गांधी की बात पर सहमति जताई।
राहुल से सवाल कर छा गए ओपी सिंह
टेवां में खाट सभा करने आए राहुल गांधी से सबसे पहले शाहपुर के युवा ओपी सिंह ने सवाल किया। सवाल भी किसानों से संबंधित था। खाट सभा के बाद ओपी सिंह बाहर निकले तो अपनों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। कांग्रेसियों ने भी उनके द्वारा पूछे गए सधे सवालों की सराहना की। ओपी सिंह पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राहुल से सीधे संवाद कर वह खुद को अच्छा महसूस कर रहे हैं।
बारिश के बाद भी डटे रहे लोग
राहुल गांधी को सुनने आए लोग बारिश में भीगते रहे। जमीन पर कीचड़ ही कीचड़ था, लेकिन जिसको जहां जगह मिली, वहीं खड़ा हो गया और टकटकी लगाकर उनके आने की राह देखता रहा। खाट पर बैठे लोग को ही सुकून था, लेकिन जमीन पर खड़े लोग भी उत्साहित थे। राहुल गांधी ने इनका सम्मान किया। मंच छोड़ने से पहले उन्होंने कहा कि बारिश में आए लोगों को वह आभार व्यक्त करते हैं।
राहुल के माइक की होती रही चेकिंग
बारिश से मंच गीला हो चुका था। माइक भी भीग चुका था। एसपीजी की निगाह इस पर एक घंटे पहले से थी। राहुल गांधी के आने से पहले तक माइक को दर्जनों बार चेक किया। मैकेनिक को बुलवाकर एसपीजी जवान ने माइक चेक कराया। इसके बाद उसका जूता उतरवाकर माइक चेक कराया। एसपीजी जवान यह पता करने का प्रयास कर रहे थे कि कहीं इसमें करंट तो नहीं आ रहा है। राहुल के आने से पहले ही माइक को एसपीजी ने अपने कब्जे में ले लिया था, उनके आते ही उसे थमाया गया। यह स्थिति वायरलेस माइक के अचानक काम न करने पर पैदा हुई थी।
कार्यकत्रियों में दिखा उत्साह, जगी उम्मीद
आंगनबाड़ी कार्यकत्री संघ की माया सिंह पखवारे भर से सदर ब्लाक में राज्य कर्मचारी का दर्जा पाने के लिए कार्यकत्रियों के साथ हड़ताल कर रही हैं। रोज धरना-प्रदर्शन कर वह अपनी आवाज बुलंद कर रही थीं, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से कोई सार्थक जवाब नहीं मिल रहा था। गुरुवार को राहुल गांधी से सीधे संवाद माया सिंह ने किया। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि वह उनकी मांग को संसद में उठाएंगे और उन्हें 18 हजार दिलवाएंगे।