मंझनपुर। जिला कारागार में बंद निलंबित डीपीओ राजनाथ राम की करतूत से उसके अपने भी शर्मसार हैं। इसी वजह से तीसरे दिन भी जेल में बंद डीपीओ से मुलाकात के लिए घर-परिवार अथवा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी नहीं पहुंचा। कारागार में आरोपी सिर्फ आंसू बहा रहा है।
महिला कर्मचारी के साथ छेड़खानी करने के मामले में फंसे डीपीओ राजनाथ राम को शासन ने बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया था। जेल में सामान्य बंदियों की तरह उसे रखा गया है। जेल से जुड़े सूत्रों की मानें तो वह बैरक नंबर तीन में है। डीपीओ सिर्फ आंसू बहा रहा है। वहीं डीपीओ की करतूत से उसके अपने भी शर्मसार हैं। बुधवार शाम पुलिस ने उसे जेल के अंदर किया। इसके बाद से उससे मिलने न तो परिवार या फिर कोई मुलाकात करने के लिए तक नहीं पहुंचा। जेल अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है बृहस्पतिवार व शुक्रवार को किसी ने राजनाथ राम से मुलाकात के लिए पर्ची नहीं कटवाई है। बंदी बैरक में सारा दिन गुमसुम पड़ा रहता है।