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दोआबा में नकली सैनिटाइजर फैक्ट्री का भंडाफोड़, पिता-पुत्र गिरफ्तार

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पिपरी कोतवाली क्षेत्र के गौसपुर कटहुला में शुक्रवार रात प्रयागराज प्रशासन, कौशाम्बी की आबकारी व स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से छापे मारे कर नकली सैनिटाइजर बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से एक करोड़ कीमत का नकली सैनिटाइजर, अल्कोहल, हैंडवॉश बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक पिता-पुत्र गिरफ्तार किए गए। शनिवार शाम दोनों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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गौसपुर कटहुला गांव में करीब नकली सैनिटाइजर बनाए जाने की खबर प्रयागराज के आबकारी विभाग की मिली थी। शुक्रवार रात मुखबिर की सूचना पर प्रयागराज के आबकारी इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव, नायब तहसीलदार सदर (प्रयागराज) अजय कुमार गुप्ता व पिपरी पुलिस ने संयुक्त रूप से छापे मारे।
इस दौरान एक मकान के अंदर बनाए जा रहे भारी मात्रा में नकली सै सैनिटाइजर, हैंडवॉश, फ्लोर वॉश, टॉयलेट क्लीनर सहित अल्कोहल बरामद हुआ। टीम ने मकान के अंदर से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। पकड़े गए लोगों में फैक्ट्री संचालक पिता-पुत्र के अलावा तीन मजदूर थे। टीम ने पूछताछ के बाद मजदूरों को छोड़ दिया।
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आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पिपरी कोतवाली लाया गया। नायब तहसीलदार ने बताया कि काफी दिनों ने एक ब्रांडेड कंपनी के नाम से नकली सामान बनाने की खबर मिल रही थी। इस पर संयुक्त टीम बनाकर छापे मारे गए। मौके से बरामद नकली सैनिटाइजर आदि की कीमत करीब एक करोड़ रुपये हैं। इस फैक्ट्री का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था।
संचालक सुयश केसरवानी व उसका पिता राम नरेश एक ब्रांडेड कंपनी का लेबल लगाकर माल आसपास के जनपदों में सप्लाई किया करते थे। आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ पिपरी कोतवाली को तहरीर दी गई है। इस बाबत एएसपी समर बहादुर का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार किए गए हैं। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कोराना काल में शुरू किया था नकली सामान बनाने का धंधा
वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर जहां सारा देश परेशान था वहीं गौसपुर कटहुला के पिता-पुत्र लोगों को ठगने का ताना-बाना बुन रहे थे। बाजार में अचानक सैनिटाइजर की बढ़ी मांग से उन्होंने छह महीने पहले ही एक गोरखधंधे में हाथ आजमाया। इससे काफी अवैध कमाई भी हुई। बाजार में बिकने वाले एक ब्रांडेड कंपनी का स्टीकर लगाकर समान बेचा जा रहा है। इससे जहां कारोबारियों को कम लागत में नकली समान मिलता था वहां ग्राहक ठगी के शिकार हो रहे थे।
अल्कोहल की जगह मिलाते थे मिथाइल एसिड
प्रयागराज के आबकारी इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव का कहना है कि सैनिटाइजर में 75 फीसदी अल्कोहल की मात्रा दिखाकर उसकी जगह मिथाइल एसिड का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसका प्रयोग हैंडवॉश या सैनिटाइजेशन में करने में काफी घातक साबित होता है। अवैध फैक्ट्री के संचालक पिता-पुत्र से अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने किन जनपदों में कितने बड़े कारोबारियों के यहां माल की सप्लाई की है।
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