रामगंगा कमांड में टेल तक पानी पहुंचने का स्वास्थ्य मंत्री का दावा झूठा साबित हुआ। मंत्री ने छह दिन पहले ही नहर के टेल तक पानी पहुंचने का दावा किया था। सोमवार तक कमांड में आधी दूरी तक ही पानी पहुंचा है। नहर की तलहटी में रेंग रहा पानी सिंचाई के लिए खेतों में नहीं चढ़ रहा है। सिंचाई के लिए खेतों में पानी नहीं चढ़ने से किसान मायूस हैं।
प्रदेश के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने नौ जनवरी को रामगंगा कमांड में टेल तक पानी पहुंचने का दावा किया था। उनके दावे के आधार पर दस जनवरी के अंक में ‘अमर उजाला’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। मगर छह दिन बाद दावे की पड़ताल में हकीकत कुछ और ही निकली। जिले के 20 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली रामगंगा कमांड में सोमवार तक महज दस किलोमीटर तक ही पानी पहुंच सका था। जहां तक पानी पहुंचा है वहां से टेल स्थित गोविंदपुर गोरियो तक की दूरी लगभग दस किलोमीटर है।
खास बात यह है कि कमांड में पानी तो दिख रहा है पर यह किसानों के लिए पूरी तरह से छलावा साबित हो रहा है। छोड़ा गया पानी कमांड की तल में ही रेंगते हुए आगे जा रहा है। जिले की सीमा में एक भी स्थान पर पानी खेतों में नहीं चढ़ रहा है। यानी की मुद्दतों बाद रामगंगा कमांड में पानी आया भी तो सिर्फ देखने के लिए। इससे न तो फसलों की सिंचाई हो सकती है और न ही मवेशियों को नहलाया-धुलाया जा सकता है। कमांड में रेंग रहे पानी को देख किसानों में फसलों की सिंचाई को लेकर जगी उम्मीद एक बार फिर से खत्म होती नजर आने लगी है।