मेडिकल कॉलेज में मरीज की आंखों की जांच करते नेत्र सर्जन डॉ. हेमंत यादव। संवाद
मौसम में परिवर्तन के साथ ही आंखों की बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में रोजाना 150 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 35 से 40 मरीज आंखों में धुंधलापन, खुजली और पानी आने जैसी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में नेत्र विभाग की ओपीडी में डॉक्टरों ने बताया कि मौसम बदलने पर एलर्जी और संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है। धूल, प्रदूषण और नमी में बदलाव के कारण यह समस्या और बढ़ जाती है।
नेत्र सर्जन डॉ. हेमंत यादव के अनुसार, आंखों में खुजली या लालिमा को हल्के में न लें। समय पर इलाज न कराने पर यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और देखने की क्षमता पर भी असर डाल सकता है। उन्होंने सलाह दी है कि आंखों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा या आई ड्रॉप न डालें। बाहर निकलते समय धूल और प्रदूषण से बचाव के लिए चश्मे का प्रयोग करें।
डॉक्टरों का कहना है कि आंखों में जलन या धुंधलापन महसूस होते ही तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। नियमित रूप से आंखों को साफ पानी से धोना, पोषणयुक्त आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
सोमवार को विभाग के कर्मचारी ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक ओपीडी में 120 मरीजों ने इलाज कराया जिसमें से 25 से 30 मरीज इन्हीं बीमारियों से ग्रसित रहे।