सदर कोतवाली के सामने स्थित अस्थाई पार्किंग। संवाद
जिला मुख्यालय में जाम की समस्या दूर करने के लिए नगर पालिका परिषद ने दो साल पहले सिराथू रोड, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास और सदर कोतवाली के सामने अस्थायी पार्किंग स्थलों का निर्माण कराया था। लगभग 25 से 30 लाख रुपये से बने इन पार्किंग स्टैंड का उद्देश्य था कि ई-रिक्शा और निजी वाहन सड़क किनारे खड़े न हों और यातायात बाधित न हो। ऐसे में अभी तक यह व्यवस्था ठप है। इससे शहरवासी परेशान हैं।
नगर पालिका ने तकरीबन तीन महीने पहले इन पार्किंग स्थलों को आठ महीने के लिए 15 लाख रुपये बोली पर देने की प्रक्रिया शुरू की, मगर अधिक राशि के कारण कोई भी आवेदक सामने नहीं आया। स्थिति को देखते हुए पालिका ने बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से टेंडर की राशि घटाकर पांच लाख रुपये छह महीने के लिए करने का प्रस्ताव पारित किया।
अब इन पार्किंग स्थलों की नीलामी 27, 29 और 30 सितंबर को होगी। प्रशासन को उम्मीद है कि कम बोली राशि से अधिक प्रतिभागी सामने आएंगे और रुकी योजना को गति मिलेगी। इधर, मंझनपुर चौराहे और मुख्य मार्गों पर आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। ई-रिक्शा चालकों और निजी वाहन मालिकों की ओर से मनमाने तरीके से वाहन खड़े करने के कारण दुकानदारों और राहगीरों को खासी दिक्कत उठानी पड़ रही है।
कई बार पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए तैनात रहना पड़ता है लेकिन स्थायी समाधान न होने से लोग परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक वाहन खड़ा नहीं कर पाते, जिससे कारोबार प्रभावित होता है। अब जल्द ही पार्किंग शुरू होने पर स्थानीय लोगों के साथ ही राहगीरों को जाम समेत अन्य परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
हमारी प्राथमिकता शहर में यातायात सुचारू करना और लोगों को जाम से राहत देना है। टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से पार्किंग संचालन जल्द शुरू होगा। इससे न केवल नगरवासियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि नगर पालिका को भी राजस्व प्राप्त होगा। - बीरेंद्र कुमार सरोज उर्फ फौजी, नगर पालिका अध्यक्ष