फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: हूटर की आवाज पर कर्मचारी हुए सतर्क, तीन मिनट में कोरोना पीड़ित का इलाज शुरू

विज्ञापन
कड़ा सीएचसी में मॉकड्रिल करते स्वास्थ्य कर्मचारी। - फोटो : KAUSHAMBI
विज्ञापन
मंझनपुर/कड़ा। सीएचसी इस्माइलपुर में सुबह करीब 11.40 बजे एक एबुंलेंस हूटर बजाते हुई पहुंची। हूटर की आवाज सुन स्वास्थ्य कर्मी चौकन्ना हो गए। एंबुलेंस रुकी और स्ट्रेचर से एक कोरोना मरीज उतारा गया। मरीज को फौरन ऑक्सीजन सपोर्ट देकर महज तीन मिनट के अंदर भर्ती कर लिया गया। यह नजारा सीएचसी इस्माइलपुर का था। बाद में पता चला कि कोरोना को लेकर मॉकड्रिल किया गया था।
विज्ञापन

कोरोना को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी है। भले ही जिले में अब तक कोरोना का एक भी मरीज नई लहर में सामने नहीं आया, लेकिन सरकार ने संसाधनों की उपलब्धता के बाबत जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को जिला अस्पताल समेत छह सरकारी अस्पतालों में मॉकड्रिल करने नामित अफसरों की टीम पहुंची।
जिला संयुक्त अस्पताल को एलटू श्रेणी के रूप में स्थापित किया गया है। यहां पर आरटीपीसीआर की लैब भी है। अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए फिलहाल 20 ब़ेड रिजर्व किए गए हैं। मॉकड्रिल करने पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. एचपी मणि को बताया गया कि अस्पताल में नौ वेंटिलेटर, 58 कंसंट्रेटर के अलावा दो हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता के तीन ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में हैं। 31 चिकित्सक, 16 फार्मासिस्ट, 108 वार्ड ब्वाय और 72 स्टॉफ नर्स नियुक्त हैं। सीएमएस डॉ. दीपक सेठ ने बताया सर्दी के कारण बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। संभावित लक्षण वाले मरीजों को अब रिजर्व बेड में भर्ती करके इलाज किया जाता है।
विज्ञापन

जेनरेटर नहीं होने से ठप रहता है ऑक्सीजन प्लांट
11.30 बजे
सिराथू। सीएचसी सिराथू के चिकित्सा प्रभारी डॉ. औचित्य सिंह का कहना है अस्पताल में 50 बेड कोरोना संक्रमित लोगों को भर्ती करने के लिए रिजर्व किए गए हैं। अस्पताल में कोरोना जांच की एक हजार किट मौजूद है। मंगलवार को नोडल अफसर डॉ. केडी सिंह निरीक्षण के लिए आए थे। उन्होंने संसाधन को देखा। अस्पताल में 60 कंसंट्रेटर मौजूद है। ऑक्सीजन प्लांट लगा है लेकिन सिर्फ बिजली आने पर संचालित होता है। जेनरेटर नहीं होने के कारण दिक्कत आ रही है। कोरोना संक्रमित लोगों के इलाज के लिए डॉ. सुरेंद्र पटेल व डॉ. अफसर अली के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया है। संवाद
पीपीई किट में मुस्तैद दिखे चिकित्सा कर्मी
10.30 बजे
सरायअकिल। स्थानीय सीएचसी में भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने तैयारियां परखी। यहां मॉकड्रिल के दौरान चिकित्साकर्मी पीपीई में मुस्तैद दिखे। अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक कोरोना गाइड लाइन के सारे मानक पूरे किए गए थे। रिहर्सल के तौर पर एक व्यक्ति के साथ तैयारी की जमीनी हकीकत देखी गई। अस्पताल के प्रभारी ़डॉ. अरुण तिवारी ने बताया मॉकड्रिल में मरीज का ब्लड प्रेशर, शरीर का तापमान व ऑक्सीजन लेवल जांचने के बाद भर्ती किया गया। नोडल अधिकारी डॉ. विनय सिंह ने कोरोना से बचाव की तैयारियों को परखा।
विज्ञापन

इन अस्पतालों में मॉकड्रिल के लिए नामित हुए थे अफसर
0 जिला अस्पताल - डॉ. एचपी मणि (डिप्टी सीएमओ)
0 सीएचसी सरायअकिल -- डॉ. विनय सिंह (परामर्शदाता)
0 सीएचसी सिराथू - डॉ. केडी सिंह, (डिप्टी सीएमओ)
0 सीएचसी कड़ा- डॉ. कमलेश कुमार (परामर्शदाता)
0 सीएचसी आलमचंद्र - डॉ. सुनील कुमार सिंह (परामर्शदाता)
0 सीएचसी कनैली - डॉ. हासिम खान (परामर्शदाता)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें