मंझनपुर। मूरतगंज ब्लॉक की साधन सहकारी समिति आलमचंद्र में सात लाख रुपये के गबन के मामले में जांच पूरी न होने के कारण अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए एआर कोऑपरेटिव ने जांच अधिकारियों को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।
साधन सहकारी समितियों से किसानों को खेती के लिए ऋण दिया जाता है। काम होने के बाद किसान उसे जमा कर देते हैं। मूरतगंज ब्लॉक की साधन सहकारी समिति आलमचंद्र की ओर से भी तमाम किसानों को ऋण बांटे गए थे। इसमें से किसानों को दिए गए ऋण के ही सात लाख रुपये गत वर्ष ही समिति में जमा हुए। यह रकम समिति के सरकारी खजाने में जानी चाहिए, लेकिन इसका बंदरबांट कर लिया गया।
मूरतगंज के एडीओ पंचायत राजेश कुमार को पता चला तो उन्होंने सचिव पर आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। इस पर एआर कोऑपरेटिव ने अपर जिला सहकारी अधिकारी अजय मिश्रा की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। इसी दौरान आरोपी सचिव सड़क हादसे में जख्मी हो गए।
23 अगस्त को साधन सहकारी समिति महंगाव के सचिव मुख्तार अहमद को चार्ज मिला, लेकिन जांच से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। इसके कारण जांच अधूरी ही रह गई। एआर कोऑपरेटिव आरके द्विवेदी ने बताया कि संबंधित अफसरों को जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बजट के बंदरबाट और बेटे को नौकरी देने का आरोप
मंझनपुर। क्रय विक्रय केंद्र भरवारी के अध्यक्ष अशोक केसरवानी ने एआर कोऑपरेटिव आरके द्विवेदी से शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया कि केंद्र के सचिव ने लाखों रुपये का बंदरबाट किया। यही नहीं नियमों को ताक पर रखकर सचिव ने अपने बेटे को समिति में नौकरी भी दे दी। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि मामला गंभीर है। प्रकरण की जांच के लिए एडीसीओ श्यामलाल पाल और दो अन्य सदस्यों की टीम बनाई गई है। जांच टीम को 15 दिन के अंदर पड़ताल करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। जांच में अगर गबन और नियमों को ताक पर रखकर नौकरी देने की बात सामने आई तो सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद