शनिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश के दौरान जगह-जगह फाल्ट होने के कारण विद्युत उपकेंद्र सरायअकिल से जुड़े तकरीबन डेढ़ सौ गांवों की बत्ती गुल हो गई। रविवार को प्राइवेट कर्मचारी दिनभर फाल्ट दुरुस्त करने के लिए पसीना बहाते रहे। करीब 18 घंटे बाद रात लगभग आठ बजे बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी। आरोप है कि विद्युत उपकेंद्र के जेई गायब रहते हैं और फोन भी नहीं रिसीव करते हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश शुरू होने के साथ ही सरायअकिल और कटरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े म्योहर गाड़रियन का पुरवा, लक्ष्मणपुर, म्योहरिया, बैरागीपुर सांडवा, टिकरी समेत तकरीबन डेढ़ सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। रात किसी तरह गुजारने के बाद रविवार सुबह लोगों ने विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता को फोन करना शुरू किया।
म्योहर गांव के श्रीनाथ, रामदीन, अशोक आदि का आरोप है कि जेई फोन ही नहीं रिसीव कर रहे थे। उपकेंद्र पहुंचने पर भी उनका अता-पता नहीं चला। उपकेंद्र पर मौजूद प्राइवेट विद्युतकर्मियों ने बताया कि बारिश में जर्जर तारें जगह-जगह टूटकर गिर गई हैं। इसके कारण सप्लाई बाधित हुई। प्राइवेट कर्मी दिनभर फाल्ट दुरुस्त करने के लिए पसीना बहाते रहे। रात तकरीबन आठ बजे विद्युत सप्लाई बहाल होने पर ग्रामीणों ने राहत महसूस किया।