चुनावी मैदान में मोर्चा संभाल रहे 41 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला गुरुवार को होगा। जिले की तीन विधानसभा सीटों पर 10 लाख 90 हजार 201 मतदाता अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने जनप्रतिनिधि का चयन करेंगे। इसकी सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। बूथों को पैरामिलिट्री ने अपने कब्जे में लेकर मोर्चा संभाल लिया है। शाम पांच बजे तक पोलिंग पार्टियां भी पहुंच गई हैं। सभी बूथों पर एक साथ सुबह आठ बजे मतदान शुरू करा दिया जाएगा।
जिले की तीनों सीटों पर 41 उम्मीदवार ताल ठोंक रहे हैं। इनमें मंझनपुर के 6, चायल के 19 व सिराथू के 16 प्रत्याशी हैं। इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला गुरुवार की सुबह आठ बजे से जिले के 10 लाख, 90 हजार 201 मतदाता शुरू करेंगे। सुबह आठ से शाम पांच बजे तक पड़ने वाले मतदान को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने सारी तैयारियां पहले से पूरा कर ली थीं। बुधवार की सुबह से विधान सभा सिराथू के 362, मंझनपुर के 406 व चायल के 379 बूथों के लिए पोलिंग पार्टियों, पैरामिलिट्री व पुलिस के जवानों की रवानगी की प्रक्रिया मंडी समिति ओसा में शुरू की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी अखंड प्रताप सिंह, मतदान कार्मिक अधिकारी, दिनेश कुमार सिंह, एसपी वीके मिश्र, एएसपी आशुतोष मिश्र की देखरेख में पोलिंग पार्टियों व पैरामिलिट्री, पुलिस के जवानों की रवानगी दोपहर बाद बूथों के लिए शुरू हुई।
दोपहर दो बजे से बूथों पर पोलिंग पार्टियों के पहुंचने की रिपोर्ट भी प्रशासन को मिलने लगी। बूथों पर पोलिंग पार्टियों व फोर्स के पहुंचने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। सभी बूथों पर पोलिंग पार्टियों के पहुंचने की खबर मिलने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों ने राहत की सांस ली। उधर मतदान के दौरान मिलने वाले वोटों को लेकर उम्मीदवारों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं।
138 बूथों पर प्रशासन की विशेष नजर
तीन विधान सभाओं के 138 बूथ प्रशासन की नजर में अति संवेदनशील हैं। इन बूथों पर मतदान के दौरान गड़बड़ी हो सकती है। इसकी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यहां पर विशेष व्यवस्था कर रखी है। इन बूथों पर मतदान न केवल कैमरे की नजर में होगा बल्कि पूरा परिसर पैरामिलिट्री, पुलिस के जवानों से भरा रहेगा। यहां पर यदि किसी ने गड़बड़ी की कोशिश की तो पैरामिलिट्री के जवान पलक झपकते ही उसे दबोचने का काम करेंगे।
98 मजिस्ट्रेटों ने संभाली चुनाव की कमान
विधान सभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए आयोग के निर्देश पर 98 मजिस्ट्रेटों को कमान सौंपी गई है। इसमें 86 सेक्टर, नौ जोनल व तीन सुपर जोनल मजिस्ट्रेट शामिल हैं। यह मजिस्ट्रेट मोबाइल रहकर एक-एक मतदान केंद्र का दिनभर जायजा लेते रहेंगे। कोई गड़बड़ी न हो इसे देखते हुए सिराथू में 24 सेक्टर, तीन जोनल व एक सुपर जोनल को तैनात किया गया है। मंझनपुर में 29 सेक्टर, तीन जोनल व एक सुपर जोनल तो चायल में 33 सेक्टर, तीन जोनल व एक सुपर जोनल की तैनाती की गई है।
फ्लाइंग स्क्वायड व स्टेटिक सर्विलांस टीम का रहेगा पहरा
सकुशल और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने के लिए आयोग के निर्देश पर कई टीमें बनाई गई हैं। यह टीमें सुबह से ही बूथों का भ्रमण शुरू कर देंगे। इसमें फ्लाइंग स्क्वॉयड की 27 व स्टेटिक सर्विलांस की 38, वीडियो निगरानी की छह, वीडियो अवलोकन की तीन टीमें बनाई गई हैं। यह टीमें मतदान की एक-एक गतिविधि पर नजर रखेंगे। कहीं भी गड़बड़ी की आशंका हुई तो इन टीमों को पहुंचने में देर नहीं लगेगी।
14 स्थलों पर सील होगी जिले की सीमा
मतदान वाले दिन बाहर से आने-जाने वालों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके लिए जिले की सीमा को 14 स्थलों पर बार्डर चेकपोस्ट बनाकर सीज किया जाएगा। इनमें सिराथू विधानसभा के आठ, मंझनपुर व चायल के तीन-तीन स्थानों को शामिल किया गया है। इन स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस के जवान तैनात कर वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित रखा जाएगा।
46 बूथों की होगी वेब कास्टिंग
विधान सभा चुनाव में तीन विधान सभा सीटों के 46 बूथों को मॉडल बनाया गया है। इनमें सिराथू के 18, मंझनपुर के 15 व चायल के 13 बूथ शामिल किए गए हैं। इन बूथों की मतदान प्रक्रिया पर निर्वाचन आयोग की सीधी नजर होगी। वह वेबकास्टिंग के जरिए एक-एक गतिविधि पर पूरा नजर रखेगा। कहीं भी गड़बड़ी नजर आई तो आयोग की नाराजगी का सामना जिले के जिम्मेदारों को तत्काल करना होगा।