परिषदीय स्कूलों के साथ ही अब बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मे आंगनबाड़ी की कक्षाओं का संचालन होगा। इसके लिए विद्यालय में संचालित केंद्रों पर एजुकेटर की तैनाती की जाएगी। पहले चरण में 108 एजुकेटर तैनात किए जाएंगे।
जिले के 95 विद्यालय ऐसे हैं जिनका विलय हुआ है। इसके साथ ही कुछ केंद्र ऐसे हैं जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात नहीं है। इन सभी केंद्रों में अब एजुकेटर तैनात होंगे। एजुकेटर छोटे बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा की ओर मोड़ने का प्रयास करेंगा। जिले में 1775 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 1100 केंद्र कोलोकेटेड (प्राथमिक विद्यालय के अंदर ) हैं। नई व्यवस्था में विलय के बाद खाली हुए 95 विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन होगा। यह संचालन एजुकेटर करेंगे।
यह होंगे एजुकेटर के कार्य
एजुकेटर का काम तीन से छह साल के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना है। इन बच्चों को भौतिक, मानसिक, सामाजिक व अकादमिक विकास को गति देने के अलावा आंगनबाड़ी के कार्य में सहयोग करना होगा। एजुकेटर निपुण भारत मिशन को ध्यान में रखते हुए कार्य करेंगे। इसके अलावा खेल, नाटकए पिकनिक व क्षेत्र भ्रमण आदि की योजना बनाते हुए अन्य विभागों के सहयोग से काम करेंगे।
एजुकेटर आंगनबाड़ी व बाल वाटिका के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का काम करेंगे। जिले में 108 एजुकेटर की भर्ती होनी है। इसकी प्रक्रिया चल रहा है। जल्द ही निविदा निकालकर भर्ती पूरी कर ली जाएगी। - डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा, बीएसए