तेज धूल भरी चल रही हवाओं के बीच शनिवार को दोआबा में भी अचानक धरती कांपने लगी। दोपहर में दो बार भूकंप के झटके लगे। 30 सेकेंड से सवा मिनट तक लोगों ने झटके महसूस किए। इससे पूरे जिले में दहशत फैल गई। घर, स्कूल, दुकान, दफ्तरों में घंटों अफरा-तफरी मची रही। सहमे लोग जान बचाकर घरों से बाहर की ओर भागे। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि करारी, अजुहा, दारानगर, सादीपुर, तिल्हापुर, कैमा आदि कई गांवों में पक्के मकानों की दीवारों में मोटी-मोटी दरारें पड़ गईं।
मौसम का मिजाज इस साल कातिलाना ही बना है। 10 दिन पहले बेमौसम मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। हफ्तेभर तक तेज धूप चटकी। इसके बाद शुक्रवार रात से फिर आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। तेज गरज-चमक के साथ रात में बूंदाबांदी भी हुई। धूल भरी तेज हवाएं भी चल रही हैं। इन्हीं हवाओं के बीच शनिवार दोपहर भूकंप का भी कहर टूटा। महगांव (पुरामुफ्ती) स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वाह्न 11.46 बजे 45 सेकेंड से सवा मिनट तक जिले में भूकंप के झटके लगे। इसके करीब 21 मिनट बाद 30 सेकेंड तक दुबारा भूकंप का झटका लगा। दोनों बार भूकंप के झटके यमुना से लेकर गंगा के कछार तक यानी पूरे जिले के लोगों ने महसूस किया। भूकंप के झटकों से जिले भर में अफरातफरी मच गई। मंझनपुर, भरवारी, सिराथू, कड़ा, अजुहा, देवीगंज, ओसा, महेवाघाट, चायल, चरवा, सरायअकिल, तिल्हापुर, मनौरी, पुरामुफ्ती आदि सभी बाजार और गांवों के लोग खौफ से भर गए। सहमे लोग जान बचाने के लिए घर, दफ्तर, दुकान, प्रतिष्ठान से निकलकर बाहर की ओर भागने लगे। वहीं झटकों के कारण घरों के बर्तन आदि भी गिरकर इधर-उधर बिखर गए थे। कई मकानों की दीवारों में तो दरारें भी पड़ गईं।
भूकंप के झटके महसूस होते ही स्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाओं के होश उड़ गए। मंझनपुर स्थित बीपी पब्लिक स्कूल, एएल कान्वेंट स्कूल, वशिष्ठ बालिका, एएसबी स्कूल समदा के साथ ही भरवारी, सिराथू, अजुहा, करारी, सरायअकिल, पश्चिमशरीरा, पुरामुफ्ती, मनौरी, मूरतगंज, चरवा, देवीगंज आदि स्कूलों में दहशत फैल गई। बच्चे भयवश चीखने-चिल्लाने लगे। एक के बाद एक भूकंप के दो झटके आने के बाद तो स्कूल संचालक भी बड़े हादसे की आशंका से कांप उठे। आनन-फानन में सभी बच्चों को स्कूल के बाहर निकाल लिया गया। शिक्षक और शिक्षिकाएं तो मासूम बच्चों को लेकर कुछ देर के लिए स्कूल के बाहर सुरक्षित खड़ी रहीं। इसके बाद तत्काल स्कूल वाहनों में बैठाकर बच्चों को सकुशल उनके घर भेज दिया गया। भूकंप के झटकों को देखते हुए शनिवार को सभी स्कूल करीब दो घंटे पहले ही बंद कर दिए गए।