मंझनपुर। राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को जहां ग्रामीण विकास की योजनाओं की जानकारी दी गई वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहाकि पंचायतीराज व्यवस्था लागू होने से ही गांवों के विकास को पंख लगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास की अहम कड़ी बताया। साथ ही उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और गंभीर बने रहने की सीख दी।
बता दें कि 24 अप्रैल 1993 को ही 73वां संविधान संशोधन विधेयक पारित कर देश में पंचायतीराज व्यवस्था लागू की गई थी। तभी से यह दिन राष्ट्रीय पंचायत दिवस के रूप में मनाया जाता है। पंचायतीराज विभाग के निदेशक उदयवीर सिंह ने इस दिवस पर जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों में गोष्ठी करके लोगों को ग्रामीण विकास की योजनाओं की जानकारी देने, कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा आदि का निर्देश विभागीय अफसरों को दिया था। इसी निर्देश पर शुक्रवार को जिला पंचायत के रत्नावली सभागार में राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इसके मुख्य अतिथि रहे जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहाकि 24 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक है। देश में संविधान संशोधन से पंचायतीराज व्यवस्था लागू हुई। इसी व्यवस्था से गांवों की बदहाली मिटने लगी। लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया हुई हैं। जिपं अध्यक्ष ने पंचायत प्रतिनिधियों का भी आह्वान किया कि ग्रामीण विकास में सर्वाधिक अहम भूमिका उनकी ही है। वे अपने कामों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहें। बैठक में डीपीआरओ आरके भारती, समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार आदि भी पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास की योजनाओं की जानकारी दी।