नवरात्र पर्व पर अंधेरे में जगराता करने को श्रद्धालु मजबूर हो गए हैं। पर्व शुरू होते ही बिजली विभाग ने आपूर्ति का रोस्टर बदल दिया है। अब 12 बजे रात के बाद से बिजली आपूर्ति होगी। शनिवार को 80 से ज्यादा गांवों में शाम से ही बत्ती गुल कर दी गई थी। इससे श्रद्धालुओं में आक्रोश है।
नवरात्र पर्व शुरू होते ही बिजली विभाग ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। अस्थायी कनेक्शन न होने के कारण बिजली विभाग ने दुर्गा पंडालों में बिजली की खपत को रोकने के लिए रोस्टर बदल दिया है। शनिवार की शाम से ही ग्रामीण इलाकों की बिजली गुल कर दी गई।
शनिवार रात मंझनपुर तहसील के म्योहर, म्योहरिया बटबंधुरी, गुवारा, रानीपुर, इमली गांव,भगवानपुर बहुगरा, खोंपा, चित्तापुर, बसुहार, बेनीराम कटरा समेत 80 गांवों की बिजली गुल रही। यही हाल सिराथू तहसील के इचौली, बसोहनी, बालकमऊ, खोरांव समेत दर्जनों गांवों की रही। बिजली न होने की वजह से नवरात्र के पहले दिन दुर्गा पंडाल के आयोजकों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रात में भजन-कीर्तन के लिए लोगों को अलग से इंतजाम करने पड़े। बिजली विभाग के इस रवैये से भक्तों में आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में नाराजगी जताई है।
रोस्टर बदला, नहीं मिल रहे जनरेटर
बिजली विभाग का रोस्टर बदलने से दुर्गा पंडाल के आयोजकों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। 12 बजे रात के बाद बिजली आपूर्ति होने से आयोजक जनरेटर खोजने लगे हैं। भारी संख्या में दुर्गा पंडाल होने के कारण आयोजकों को जनरेटर नहीं मिल रहा है। इससे उनके सामने विद्युत व्यवस्था का संकट खड़ा हो गया है।