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दुर्गा प्रतिमाओं का किया गया विसर्जन

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Durga idols were immersed - फोटो : KAUSHAMBI
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दुर्गा प्रतिमाओं का किया गया विसर्जन
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अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/चायल। ग्रामीण क्षेत्रों सजाई गईं देवी प्रतिमाओं का मंगलवार और बुधवार को विसर्जन किया गया। मां के भक्त एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गाजे-बाजे और ढोल-लगाड़ों पर नाचते-गाते हुए नगर भ्रमण किया। इसके बाद नजदीक के तालाबों, पोखरों नहरों व नदी मेें मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
शारदीय नवरात्र में नौ दिन तक गांव व कस्बों में स्थापित पूजा पंडाल भक्तिगीतों से गुलजार रहे। हवन-पूजन के साथ-साथ गीत-संगीत का कार्यक्रम अनवरत रूप से पूजा पंडालों में होता रहा। पर्व खत्म होने के बाद गांवों में बने पूजा पंडालों की अधिकतर मूर्तियों का विसर्जन मंगलवार को भक्तों ने ससुर खदेरी नदी पर बने चेकडैम या फिर साफ-सुथरे नजदीक के तालाबों, पोखरों और नहरों में किया। कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को भी भक्तों ने किया। पूजा पंडालों से मूर्तियों को जयकारे के साथ उठाया गया। मूर्तियों के विसर्जन के साथ ही शारदीय नवरात्र जिले भर में संपन्न हो गया। उधर कस्बों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन दशहरा मेले के चलते नहीं किया गया। बुधवार को भरत मिलाप का मेला होने के बाद इन मूर्तियों का विसर्जन गुरुवार की सुबह किया जाएगा। मूर्तियों का विसर्जन शांतिपूर्वक होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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वहीं चायल क्षेत्र के गांवों में स्थापित मूर्तियों का ससुर खदेरी नदी व तालाबों में विसर्जन किया गया। ससुर खदेरी नदी कसेंदा और तिल्हापुरमोड़ में क्षेत्र के फतेहपुर सहावपुर, लोकीपुर, दरियापुर, मुरादपुर, मेंडवारा, अकबरपुर, कादिलपुर, बिलासपुर, बलहेपुर, रेही, बूंदा, पेरवा, पेरई, आलमपुर, तिलगोड़ी, काठगांव और भगवतपुर आदि गांवों मूर्तियों का विसर्जन किया गया। विसर्जन स्थल पर मेला भी लगाञ मूर्ति विसर्जन का सिलसिला शाम छह बजे तक चलता रहा।
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पश्चिमशरीरा क्षेत्र में शारदीय नवरात्रि के मौके पर लगभग सौ मूर्तियों को पूजा पंडाल में स्थापित किया गया था। दशमी को अपने अपने क्षेत्र के तालाबों और नहर में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था में भक्त लग गए थे। श्रद्धालु नाचते-गाते और एक दूसरे पर गुलाल डालते हुए विसर्जन स्थल पहुंचे। पश्चिमशरीरा, पूरबशरीरा, गढ़ी बाजार, अंधावा, रामअधीन का पूरा की प्रतिमाओं का विसर्जन नहर में किया गया। धवाड़ा, अमीना, गोराजू, चम्पहा, बाकरगंज की प्रतिमाएं तालाब में विसर्जित की गईं। पुनवार, महावाँ, डेढ़ावल, कटरी, महेवाघाट, डूड़ी, कुम्हियावा, अजरौली, हिनौता, महेवाघाट, बैरागीपुर, डकशरीरा की प्रतिमाओं का विसर्जन तालाब के पानी में किया गया।
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