dumped sand before the closing of mining
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खनन बंद होने से पहले डंप हुई करोड़ों की बालू
चायल सर्किल के दर्जनों गांव में बालू डंप कर ठेकेदारों ने बनाया अगले चार माह का स्टॉक
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अमर उजाला ब्यूरो
चायल। बरसात के बंद खनन बंद होने पर भी बालू माफिया पर इसका फर्क बार नहीं पड़ेगा। माफिया ने अपना कारोबार जारी रखने के लिए पहले ही बालू डंप कर ली है। सड़कों के किनारे फैली बालू हादसे का कारण भी बन सकती है।
चायल सर्किल में इस वर्ष चार वैध बालू घाट संचालित हुए हैं। जिनमें तिलहापुर महरनिया, उमरवल, नंदा का पुरवा और कटैया बालू घाट शामिल है। बारिश शुरू होने से पहले सभी ठेकेदार ज्यादा से ज्यादा बालू खनन कर डंप करने में लगे हुए है। कारोबारियों की मंशा है कि बरसात के मौसम में भी बालू का यह कारोबार बराबर चलता रहे। घाट के आसपास के कई गांव में इन दिनों बालू के बड़े-बड़े पहाड़ नजर आने लगे हैं। पट्टाधारक के अलावा कई छोटे छोटे स्थानीय बालू कारोबारी भी इस समय बालू का स्टॉक बनाने में लगे हुए हैं। यह छोटे कारोबारी या तो वैध बालू घाट से बालू खरीद कर लाते हैं या फिर किसी बंद पड़े घाट से अवैध बालू का खनन करके। चायल क्षेत्र के चकपिन्हा, पुरखास, जलथर पुल, तिल्हापुर, दुर्गापुर, सैदपुर, गोविन्दपुर, इमलीगांव, मखऊपुर, औधन व ब्यूर समेत करीब दर्जन भर से ज्यादा गांवों के बाहर खेत या बगीचा में करोड़ों की बालू का स्टॉक लगा हुआ है। इस बालू को बरसात में खनन बंद होने के बाद दुगने दाम में बेचा जाएगा। वहीं एसडीएम चायल घनश्याम कुमार का कहना है कि अगर कोई बिना लाइसेंस भंडारण कर रहा है तो गलत है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।