जिले में छह से 14 साल के सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान शुरू होगा। इसके साथ ही बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग आठवीं के बाद पास हुए बच्चों का स्कूल में नामांकन का प्रयास करेंगे।
बीएसए और डीआईओएस ने रविवार को शिक्षकों व प्रधानाचार्यों के साथ ऑनलाइन बैठक कर पूरे कार्यक्रम पर चर्चा की। डीआईओएस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी करेंगे। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधि व अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य शत-प्रतिशत नामांकन के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इसके लिए एसआरजी डॉ. ओम प्रकाश सिंह व सभी ब्लॉकों के एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) की टीम बनाई गई है।
अभियान को लेकर 15 दिनों तक एलईडी वैन से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स लगाए जाएंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन होगा। विद्यालय स्तर पर रैलियां व सांस्कृतिक कार्यक्रम कर बाल श्रम के खिलाफ संदेश दिया जाएगा।
जागरूकता के लिए इन नारों का होगा प्रयोग
बीएसए ने बताया कि पूरे जिले में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्कूल व बच्चे गांव में पढ़ेंगे-लिखेंगे, तभी तो कौशाम्बी का मान बढ़ाएंगे, मम्मी-पापा भूल न जाना, मेरा स्कूल में नाम लिखाना, कोई न छूटे इस बार, शिक्षा है सबका अधिकार, शिक्षित बच्चा, सुखद भविष्य- कौशाम्बी का है यही लक्ष्य, आधी रोटी खाएंगे, बच्चों को स्कूल जरूर भेजेंगे, जहां स्कूल की घंटी बजती है, वहीं खुशहाली सजती है आदि के नारे का प्रयोग होगा।