मंझनपुर। पुरवा हवा के झोंके के साथ बृहस्पतिवार को मौसम एक बार फिर सर्द हो गया। बुधवार की रात से लगातार दिनभर हुई बूंदा-बांदी और शीतलहर के साथ बढ़ी ठंड से रोम-रोम कांप उठा। सुबह से धुंध और हवाओं का सितम शुक्रवार को भी दिनभर जारी रहा। गलन भरी ठंड से दिनभर लोग अपने घरों में दुबके रहे। वहीं बाजार की सड़कों पर सन्नाटा सा दिखा। शीतलहर और गलन से लोगों के हाथ पैर सुन्न रहे।
बुधवार की रात से ही सर्द हवाओं के साथ मौसम एकाएक बदल गया। बृहस्पतिवार को न्यूतम और अधितकम तापमान नीचे खिसकने और पुरवा हवा के साथ हुई झमाझम बारिश के कारण ठंड ने विकराल रूप धारण कर लिया। सर्द हवाओं के साथ 48 घंटे तक हुई लगातार बूंदाबांदी से आवाम एक बार फिर ठिठुर उठा। कोहरे की धुंध के साथ दिनभर चली सर्द हवाओं से हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लोग घरों में दुबके रहे। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे होने के बाद भी कांपते नजर आए। दो दिन से लोग सूर्य देव के दर्शन के लिए टकटकी लगाए रहे, पर दिनभर बादल की छाए रहे। ठंड के कातिलाना सितम से लोगों के हाथ-पैर सुन्न रहे। वहीं सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
द्वाबा में ठंड से निपटने के इंतजाम हवा-हवाई साबित हो रहे है। ठंड के सितम के बाद भी कस्बों और बाजारों में आने वाले मुसाफिर हाड़ कंपा देने वाली ठंड में सिकुड़ते रहे। बस अड्डों और सार्वजनिक स्थानों में अलाव के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं, जबकि ठंड से निजात के लिए भारी भरकम धनराशि भी जिला प्रशासन को मुहैया कराई जा चुकी है। इसके बाद भी कोई पहल नहीं की जा रही है।