सिराथू तहसील के अधिकतर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में पेयजल और साफ-सफाई की स्थिति खराब है। कहीं हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हैं तो कहीं बिजली बाधित होते ही पानी की आपूर्ति ठप हो जाती है। मरीजों और तीमारदारों को भटकना पड़ता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजातपुर में फ्लाईओवर निर्माण के दौरान अस्पताल का गेट और चहारदीवारी टूट गई थी। ग्रामीण परिसर में कूड़ा फेंकने लगे हैं, जानवर भी बांधे जा रहे हैं। परिसर के अंदर बनी पानी की टंकी के चारों तरफ गंदगी का अंबार है। मजबूरन तीमारदार काई युक्त नल से पानी पीने को मजबूर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि गंदगी और बदबू से कार्य करना मुश्किल हो गया है। विरोध करने पर विवाद की स्थिति बन जाती है। हालांकि, इंडियन ऑयल की ओर से लगाई गई पानी की टंकी चालू है।
पीएचसी सेलरहा पश्चिम व शमशाबाद में लगे हैंडपंप करीब तीन साल से खराब हैं। यहां नलकूप के सहारे पानी की व्यवस्था की गई है लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भारी परेशानी होती है। खासकर गर्मी में। इसी तरह अजुहा में पीएचसी में वाटर कूलर तो लगाया गया है लेकिन कूलर के पास बने बेसिन में काई युक्त गंदगी है। आस-पास मच्छर भनभनाते रहते हैं।
पीएचसी चरवा में सामान्य मरीजों के लिए पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। केवल प्रसव केंद्र में आरओ वाटर की सुविधा उपलब्ध है। ओपीडी में आने वाले मरीज पानी के लिए भटकते हैं। इसी तरह मंझनपुर पीएचसी में पानी की सुविधा तो है लेकिन वाटर कूलर के आसपास खुली नालियों की साफ-सफाई न होने से गंदगी फैली है।
सीएचसी सिराथू के अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी का कहना है कि सिराथू क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर लगभग एक सप्ताह पहले संबंधित अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। जल्द ही सभी समस्याओं को दूर कराया जाएगा। हैंडपंप, विद्युत व्यवस्था और स्वच्छता सुधार के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।