अजुहा के तीन वार्डों में पेयजल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
अजुहा। स्थानीय नगर पंचायत के लोग बिजली, पानी, सड़क, सफाई जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान हैं। आरोप है कि जिम्मेदार सबकुछ जानने के बाद भी दुश्वारियां दूर करने की ओर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। इसे लेकर नागरिकों में नाराजगी है।
अमर उजाला टीम शुक्रवार को अजुहा नगर पंचायत पहुंची तो पहली नजर में ही यहां अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिला। वार्ड नंबर चार, पांच और एक में पेयजल की आपूर्ति नहीं होती। जलापूर्ति के लिए वित्तीय वर्ष 2009-10 में पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि जलनिगम ने निर्माण में मानक की अनदेखी की। इससे टाउन एरिया प्रशासन ने इसे अपने हाथों में लेने से इनकार कर दिया। लिहाजा तीनों मोहल्लों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। उन्हें पेयजल के लिए हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ती है। आंबेडकर नगर सहित अन्य मोहल्लों की नालियां चोक हो चुकी हैं। सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। इस मोहल्ले में पिछले साल सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। इसमें ताला लटकता रहता है। मजबूरी में लोग खुले में शौच जाते हैं। कूड़ा निस्तारण का कोई इंतजाम नहीं है। नया नगर के तालाब में कूड़ा फेंका जाता है। इसकी बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सफाई व्यवस्था की हालत तो यहां बद से बदतर देखने को मिली। जगह-जगह पर गंदगी का ढेर लगा हुआ था। नया नगर में चार दिन पहले नाली की सफाई कराई गई थी। इसका कचरा नाली के किनारे ही पड़ा हुआ है। मच्छरों की भरमार के बाद भी फागिंग नहीं कराई जा रही है। पानी टंकी की सफाई और उसमें कीटाणु मारने का केमिकल नहीं डाला जाता। नतीजतन लोगों के घरों में दूषित जल पहुंच रहा है। सड़कों की हालत भी ठीक नहीं है। लोगों का कहना है कि कई बार नगर प्रशासन के जिम्मेदारों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या की ओर ध्यान देना किसी ने मुनासिब नहीं समझा।