डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी को लेकर आनाकानी कर रहे अधिकारियों की मंगलवार को नींद उड़ गई। डीपीआरओ कमल किशोर भी इसकी चपेट में आ गए हैं और उनका इलाज इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल में हो रहा है। इसकी जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जिले में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों इससे पीड़ित चल रहे थे। इसके बाद भी अधिकारी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं।
जिले में डेंगू, चिकनगुनिया, वायरल फीवर का प्रकोप माह भर से चल रहा है। नगर पंचायत करारी, भरवारी, चायल, मनौरी बाजार आदि जगहों पर बीमारी का प्रकोप है। इसके अलावा कई गांवों के लोग बीमारी की जद में हैं। मामले की जानकारी कस्बाइयों और गांवों के लोगों ने स्थानीय से लेकर जिले स्तर के तक जिम्मेदारों को दी पर विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी। एक भी जगह पर जिम्मेदारों ने फॉगिंग तक नहीं कराई। रविवार की रात तेज बुखार से पीड़ित हुए डीपीआरओ कमल किशोर को इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सहित कई विभागाध्यक्ष हालचाल लेने अस्पताल पहुंच गए। डीपीआरओ को डेंगू की जानकारी जैसे ही सीएमओ को हुई तो स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया। दूसरी ओर करारी निवासी गुरू प्रसाद की डेंगू से इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। दर्जनभर से अधिक लोग आज भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने करारी कस्बे में बीमारी की रोकथाम के लिए न तो टीम भेजी गई और न ही कोई ठोस कदम ही उठाया गया।