मातृत्व सप्ताह के दूसरे चरण की शुरूआत में डीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्रों में तमाम खामियां मिलीं। कहीं भोजन नहीं बना था तो, कहीं महिलाओं को मौसमी फल का वितरण नहीं किया गया था। डीपीओ ने इस मामले में सीडीपीओ नेवादा को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है, साथ ही एक आंगनबाड़ी से उसका चार्ज छीन लिया है। इनके अलावा एक प्रधान व प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई को पत्र लिखा है।
डीपीओ राकेश मिश्र ने शुक्रवार को नेवादा ब्लॉक के सबसे पहले भावापुर आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उनको सबकुछ ठीकठाक मिला। इसके बाद वह जरैनी पहुंचे। जरैनी में हौसला पोषण योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने भोजन तो दिया था, लेकिन महिलाओं को मौसमी फल का वितरण नहीं किया गया था। इस पर कार्यकत्री से स्पष्टीकरण मांगा गया है। तरना आंगनबाड़ी केंद्र में महिलाओं के लिए भोजन ही नहीं बना था।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री सरोज देवी ने बताया कि ग्राम प्रधान श्रीपाल व प्रधानाध्यापिका उमा देवी श्रीवास्तव सहयोग नहीं कर रही हैं। इसलिए भोजन नहीं बन पाया। इस मामले में सरोज देवी से चार्ज छीन लिया गया है। साथ ही प्रधान व प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ व बीएसए को पत्र भेजा गया। बसुहार में भी भोजन नहीं बना था। आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने ग्राम प्रधान के सिर पर ठीकरा फोड़ा। बड़े पैमाने पर लापरवाही मिलने पर डीपीओ ने नेवादा सीडीपीओ ममता देवी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।