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Prayagraj News: जीएन झा हॉस्टल के दो कमरों के उखाड़े दरवाजे, बिजली काटी

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जीएन झा हॉस्टल के कमरा नंबर 22 और 133 के दरवाजे उखाड़ दिए और
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में एएन झा हॉस्टल में रह रहे 40 शोधार्थियों को जीएन झा हॉस्टल में शिफ्ट करते हुए शुक्रवार को उन्हें कमरों पर कब्जा दिला दिया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय की टीम ने दो कमरों के दरवाजे उखाड़ दिए और उनकी बिजली काट दी। अवैध कब्जा करने वालों के भय से अन्य छात्र इन दोनों कमरों में रहने को तैयार नहीं थे।
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इविवि के एएन झा हॉस्टल में शोधार्थी रहते हैं। हॉस्टल की छत काफी जर्जर हो चुकी चुकी है और वहां मरम्मत कराई जानी है। ऐसे में हॉस्टल में रहने वाले शोधार्थियों को अन्य हॉस्टलों में शिफ्ट किया जा रहा है। हॉस्टल की मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद शोधार्थी वापस एएन झा हॉस्टल में आ जाएंगे। जीएन झा हॉस्टल में कुल 55 शोधार्थियों को शिफ्ट किया जाना था।
इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह ने बताया कि 15 शोधार्थियों की फीस जमा नहीं थी, सो उन्हें बाद में कब्जा दिलाया जाएगा। बाकी 40 शोधार्थियों को जीएन झा हॉस्टल में शिफ्ट करते हुए कमरों में कब्जा दिला दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि कमरा नंबर 22 व 133 में काफी दिनों से अवैध कब्जा था और कोई छात्र इन दोनों कमरों में रहने को तैयार नहीं था। हालांकि वर्तमान में इन दोनों कमरों में कोई रह नहीं रहा था।
छात्रों का कहना था कि जब वे इस कमरे में रहेंगे तो अवैध कब्जा करने वाले वापस आकर डराएंगे-धमकाएंगे। यहां तक कि उन पर हमला भी हो सकता है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों कमरों के दरवाजे उखाड़कर अलग रखवा दिए और इन कमरों की बिजली भी काट दी गई ताकि अवैध कब्जा न हो। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि इन कमरों में मरम्मत कराकर नए सत्र में इन्हें आवंटित किया जाएगा।


छात्रों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छात्र नेता अजय यादव सम्राट ने दावा किया है कि इविवि प्रशासन ने पूर्व में कमरा नंबर-133 को अधिकृत रूप से सील कर दिया था और कमरा नंबर-22 एक छात्र को आवंटित हो चुका था जिसमें उसका सामान रखा था। छात्र की अनुपस्थिति में सामान बाहर निकालकर कमरा अस्त-व्यस्त कर दिया गया। साथ ही दोनाें कमराें के दरवाजे तोड़कर विश्वविद्यालय को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। यह स्पष्ट किया जाए कि किसके आदेश पर ऐसा हुआ।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जीएन झा हॉस्टल के कमरा नंबर 22 और 133 के दरवाजे उखाड़ दिए और

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