मंझनपुर। खाद्यान्न की दुकान के बहाने वर्चस्व को लेकर ऐदिलपुर गांव में प्रधान और कोटेदार के बीच महीनों से तनातनी है। आए दिन दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने होते रहते हैं। एक दूसरे की शिकायतें लेकर कलेक्ट्रेट, तहसील, एसपी आफिस के सामने प्रदर्शन भी होता रहता है। सोमवार को जहां प्रधान पक्ष के लोगों ने हमला, मारपीट की शिकायत एसपी से की थी। वहीं मंगलवार को ऐसी ही शिकायत लेकर कोटेदार के समर्थकों ने हुंकार भरी।
मंझनपुर तहसील क्षेत्र के ऐदिलपुर गांव में सस्तेदर की राशन की दुकान के बहाने गांव की राजनीति गरम है। प्रधान पक्ष के लोगों ने महीनेभर पहले खाद्यान्न वितरण में अनियमितता, घटतौली, अधिक दाम वसूले जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों की शिकायत पर दुकान निलंबित कर दी गई थी। 20 जून को ग्रामीणों की शिकायत पर जांच करने के लिए मंझनपुर बीडीओ ऐदिलपुर गांव गए थे। सोमवार को गांव के कई लोगों ने आकर कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के सामने मारपीट और घर में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। इन लोगों का आरोप था कि कोटेदार के खिलाफ बोलने पर उनके यहां हमला किया गया है।
वहीं सोमवार को हुई शिकायत को लेकर मंगलवार को कोटेदार के समर्थकों ने भी प्रधान पक्ष के लोगों पर झूठी शिकायत करके प्रताड़ित करने, मारपीट करने का आरोप लगाते हुए हुंकार भरी। गांव के नथनलाल, शांति देवी, जतनलाल, जगलाल, सुंदरिया देवी, शिवकली, रानिया देवी, जगरनिया देवी, लवकुश कुमार, गोकुल प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि कोटेदार के पक्ष में बोलने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। जांच अधिकारी के सामने राशनकार्ड लेकर चले जाने पर उन्हें और उनके परिवार को देख लेने की धमकी दी गई। एसपी एसओ मंझनपुर को प्रकरण की जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है। फिलहाल गांव में कोटेदार और प्रधान के बीच चल रही इस वर्चस्व की जंग को लेकर पूरा गांव लड़ाई का मैदान बना हुआ है।