Doli neither procession, the young man arrived to marry by bike
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न डोली न बैंडबाजा, बाराती और साज-सज्जा भी नहीं। आधुनिकता की चकाचौंध से दूर एकदम सादे समारोह में चायल के एक जोड़े ने शादी रचाई। बुधवार देर शाम युवक बाइक से अकेले युवती के घर पहुंचा। यहां पर युवती के परिजनों से बातचीत की और परिवार के लोगों की मौजूदगी में सभी रस्में पूरी करते हुए युवती को पत्नी के रूप में घर ले आया। ससुराल पहुंची नवविवाहिता का दूल्हे के घरवालों ने भी जोरदार स्वागत किया।
पिपरी के कुंदनपुर गांव निवासी लालचंद्र के बेटे दिलीप का रिश्ता क्षेत्र के ही रेही गांव में रहने वाली महावीर की पुत्री रेशमा देवी से तय हुआ था। 25 नवंबर को शादी की तारीख तय हुई थी। दोनों घरों में शादी की तैयारी भी चल रही थी।
लेकिन कोरोना के चलते सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को सुनकर दोनों परिवार असमंजस में थे। शादी की स्थिति साफ न होने के चलते कुछ व्यवधान उत्पन्न होने लगा तो रिश्ता टूटने की नौबत आ गई। इसकी जानकारी युवक और युवती को हुई तो दोनों परेशान हो उठे।
अंत मे दिलीप कुमार ने इसी दिन शादी करने का फैसला लिया। शाम को वह घर से बिना बताए बाइक लेकर अचानक ससुराल पहुंच गया। घर पहुंचे दामाद को देखकर सभी लोग पहले तो आश्चर्यचकित हुए लेकिन कुछ देर बाद स्थिति को भांप कर शादी की तैयारी में जुट गए। आननफानन सभी रश्मों को निभाते हुए रात में ही दुल्हन को विदा कर दिया गया। रात में पीहर पहुंची दुल्हन का युवक के परिजनों ने भी जोरदार स्वागत किया। प्रेमी जोड़े की अनोखी शादी की चर्चा क्षेत्र में खूब हो रही है।