बारा। तथागत की तपस्थली (बारा) मेें चिकित्सक पोस्टिंग कराने से कतरा रहे हैं। 24 बेड वाले इस अस्पताल में चिकित्सक व स्टाफ के लिए जो आवास बनवाए गए हैं वह खंडहर में तब्दील हैं। आवासीय सुविधा नहीं होने की वजह से जिसकी पोस्टिंग भी होती है वह जाना नहीं चाहता। जिसकी खामियाजा स्थानीय मरीजों को उठाना पड़ रहा है। वर्ष 1983 में कौशाम्बी विकास खंड के बारा में सीएचसी का निर्माण कराया गया। इस सीएचसी के अंर्तगत 57 गांव और 238 मजरे आते हैं। तैनात होने वाले सात चिकित्सकों व स्टाफ के लिए आवास बनवाए गए।
इसके बाद आवास की मरम्मत की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। वर्ष 2013-14 में सीएचसी को एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) का दर्जा मिला। यहां पर सात चिकित्सक तैनात होने चाहिए। इसके बावजूद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष गुप्ता और डॉ. ज्ञान सिंंह की ही तैनाती है। पांच चिकित्सकों के पद खाली है। इसके अलावा दो डॉक्टर आयुष के हैं। रात के वक्त उन्हीं की ड्यूटी लगती है। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा है। लेकिन पिछले दो साल से यहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। पत्राचार के बावजूद यहां पर पर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की जा रही है। इस वजह से मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है।