मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन रविवार को जिलेभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया। इस दौरान ज्यादातर केंद्रों में यह शिविर मात्र औपचारिकता तक सीमित रहा। कई जगह डॉक्टर और स्टाफ मरीजों का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ केंद्रों पर ही थोड़ी सी सक्रियता दिखी। कुल मिलाकर पीएचसी में करीब 200 मरीजों का उपचार किया गया।
मंझनपुर पीएचसी में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक सिर्फ छह मरीज पहुंचे, जिनमें सभी को खांसी, जुकाम, बुखार और शरीर दर्द की शिकायत थी।
करारी पीएचसी में भी हालात लगभग समान रहे। सुबह 11:45 बजे तक मात्र आठ मरीज पहुंचे। यहां डॉ. शोएब अंसारी, वार्ड बॉय वीरेंद्र कुमार, सफाईकर्मी सुनील और एएनएम खुशबू मौजूद रहे, जबकि नवनियुक्त डॉ. पूनम प्रजापति अनुपस्थित थीं। अस्पताल में मेले से संबंधित कोई बैनर या प्रचार सामग्री भी नहीं लगी थी।
सुजातपुर पीएचसी में कुछ बेहतर स्थिति रही, जहां 30 मरीजों ने जांच कराई। यहां डॉ. अजय वर्मा, फार्मासिस्ट रविंद्र सिंह और सफाईकर्मी श्रीचंद मौजूद रहे। शहजादपुर पीएचसी में 29 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. वर्तिका, फार्मासिस्ट नगेंद्र कुमार सिंह, वार्ड बॉय फतेहबहादुर, एएनएम कुशमा देवी और नर्स पूनम देवी मौजूद रहीं। यहां व्यवस्था सही रही। नवीन पीएचसी अजुहा में डॉक्टर सहित कुल 10 कर्मचारी तैनात हैं।
एक बजे तक 25 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें नौ बुखार, छह खुजली, दो आंख व कान दर्द, तीन पेट दर्द और पांच बदन दर्द के मरीज थे। एलटी सौरभ मौर्य ने बताया कि आठ जांचें की गईं। जिनमें, टाइफाइड, आरबीएस और एचआईवी शामिल थीं।
आरोग्य मेले में 1975 मरीजों का हुआ उपचार, 14 मरीज रेफर
जिले के 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व तीन अर्बन पीएचसी में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलेभर में कुल 1975 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि गंभीर अवस्था वाले 14 मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेले को सफल बनाने के लिए नोडल अधिकारियों सहित अपर व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अलग-अलग केंद्रों का निरीक्षण सौंपा गया।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने सरसवां की सीएचसी व पीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण किया। इसी तरह डिप्टी सीएमओ डॉ. हिन्द प्रकाश मणि ने सदर पीएचसी का निरीक्षण किया। सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी केंद्रों में प्रत्येक रविवार को यह मेला नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है।
इस मेले में 59 चिकित्सक और 150 पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी। मेले में उपचार के अलावा स्वास्थ्य कार्ड बनाने का कार्य भी हुआ। इस दौरान 64 गोल्डन कार्ड और 125 आभा आईडी बनाए गए।
टेंवा पीएचसी में आरोग्य मेले का निरीक्षण करते सीएमओ। स्रोत: स्वयं