सदर ब्लॉक के थांबा अलावलपुर गांव में इन दिनों संक्रामक बीमारी ने पैर पसार लिए हैं। पिछले एक सप्ताह से कई लोग बुखार की चपेट में हैं। कुछ लोगों में डेंगू जैसे लक्षण पाए जाने से गांव में हड़कंप है।
करीब तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में अलग-अलग मोहल्लों में लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं, जबकि कई अब भी बुखार से पीड़ित हैं। स्थानीय निवासी शमा बानो पत्नी ताजउद्दीन ने बताया कि उन्हें और उनके बेटे नौशाद को पिछले चार दिन से तेज बुखार है। निजी लैब में जांच के दाैरान डेंगू के लक्षण बताए गए हैं।
इसी तरह रक्तिमा मौर्य और मैसर ने भी बताया कि जांच रिपोर्ट में डेंगू के संकेत मिले हैं। इसके अलावा शाहिद अली, सुफियान, साफिया, उमा देवी, बुधनी देवी और संजना समेत कई लोग बुखार से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और सफाई व्यवस्था लचर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर हालात का जायजा लिया और मच्छर रोधी छिड़काव कराने की बात कही है।
कई साल से नहीं हुआ दवाओं का छिड़काव, ग्रामीणों में नाराजगी
थांबा अलावलपुर गांव में पिछले कई सालों से दवाओं का छिड़काव नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताया है। गांव के ख्वाजा हसन, नंदकिशोर, अनवार अली, जगदीश मौर्य और रामकृष्ण पांडेय ने बताया कि बरसात के मौसम में तरह-तरह के कीटाणु पनपते हैं। घासफूस और गंदगी बढ़ने से मच्छरों का प्रकोप तेज हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में दवाओं का छिड़काव कम से कम एक बार जरूर होना चाहिए लेकिन यहां कई सालों से ऐसा नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि विभाग की यह लापरवाही ही बीमारियों के फैलने का मुख्य कारण बन रही है।
सफाई कर्मी महीने में एक-दो बार ही देता है हाजिरी
गांव में सफाई कर्मी तो नियुक्त है लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक वह महीने में एक-दो बार ही आता है। सफाई करने के बजाय वह केवल प्रधान के दरवाजे पर हाजिरी लगाकर लौट जाता है। गांव के सद्दू, सद्दीक और हीरा ने बताया कि सफाईकर्मी की लापरवाही के कारण लोग अपने घरों के पास रास्ते और नालियों की सफाई खुद करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने नियमित सफाई व्यवस्था की मांग की है।
- गांव में तैनात सीएचओ ने पांच लोगों के सैंपल लिए थे। एक मरीज में डेंगू का लक्षण मिला है। सैंपल को एलाइजा टेस्ट के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। सोमवार को एमओईसी मंझनपुर डॉ. नीरज की टीम गांव जाकर सर्वे, जांच और दवाओं का वितरण करेगी। छिड़काव के लिए डीपीआरओ व पंचायत सचिव को निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी