मंझनपुर। द्वाबा में पछुआ हवा के साथ बढ़ी गलन जान की दुश्मन बनी हुई है। शीतलहर और गलन भरी ठंड से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर ही ठंड की चपेट में आने से तीन और महिलाओं की मौत हो गई। जिले में ठंड से मरने वालों की संख्या अब तक 29 हो चुकी है। इधर, बृहस्पतिवार को भी पूरा जिला भीषण शीतलहर की चपेट में रहा। हालांकि दोपहर बाद हल्की धूप निकली, तो लोगोें को कुछ राहत मिली।
पहाड़ों में हुई बर्फवारी के कारण 10 दिनों से कौशाम्बी जिला भीषण शीतलहर की चपेट में है। बर्फीली हवाएं के कारण बढ़ी गलन से मौतों का सिलसिला भी जारी है। बुधवार की रात भी ठंड की चपेट में आने से राजकली (60) पत्नी सुंदर लाल निवासी आलमचंद्र की मौत हो गई। इसी तरह से बृहस्पतिवार की दोपहर कोखराज कोतवाली क्षेत्र के उचवां नसीरपुर गांव की सुनीता देवी (18) पुत्री मुन्नीलाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जब तक परिवार के लोग उसे अस्पताल ले जाते, युवती की मौत हो चुकी थी।
घरवालों के मुताबिक सुनीता देवी की मौत ठंड लगने से ही हुई है। इसी तरह से महगांव की रहने वाली विवाहिता लता देवी (25) पत्नी श्यामलाल की भी जाड़े की चपेट में आने से बुधवार की रात मौत हो गई। इस तरह से जिले में ठंड के कारण अब तक कुल 29 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मौत का यह सिलसिला अब भी बना हुआ है। कारण ठंड की प्रकोप कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। दिन में हल्की धूप से भले ही लोगों को कुछ राहत मिले। पर, जैसे ही सूरज डूबता है। फिर भी ठंड अपना तेवर दिखाने लगती है। शाम होते ही पूरे जिले में घने कोहरे की धुंध छा जाती है। इसीके साथ चल रही शीतलहर और गलन के कारण रात में जिले का तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास बना है। हालांकि बृहस्पतिवार को दिन के तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई। दिन का तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा।