मंझनपुर। शासन के निर्देश पर रविवार को जिले के सभी थानों में संवाद दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अफसरों ने बीट प्रभारियों और सिपाहियों को कर्तव्यों का पाठ पढ़ाया। महिला उत्पीड़न के मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने, पीड़ितों की शिकायतों का समय से निस्तारण का निर्देश दिया। चेताया कि ड्यूटी में किसी भी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। एसपी ने कहा कि धर्मांतरण संबंधी शिकायतों को पुलिस किसी भी दशा में नजरअंदाज न करे।
कानून-व्यवस्था सुधारने की कवायद में जुटी सरकार ने पुलिस को सक्रिय बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसी क्रम में रविवार को संवाद दिवस के आयोजन का फरमान जारी किया गया है, ताकि अफसर मातहतों की गतिविधियों को जानकर उनमें सुधार ला सके। इसी निर्देश पर रविवार को जिलेभर के थानों में संवाद दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कोतवाली प्रभारियों ने बीट के प्रभारी दरोगाओं और सिपाहियों की समस्याएं सुनीं। उन्हें शासन और पुलिस महानिदेशक से इस संदर्भ मेंआए संदेशों को सुनाकर इसे अमल में लाने का निर्देश दिया गया।
एसपी रतनकांत पांडेय ने मातहतों को चेताया कि धर्मांतरण की शिकायत को किसी भी मायने में नजरअंदाज न किया जाए। इसी तरह उन्होंने रात में गश्त की अनदेखी नहीं करने की भी हिदायत दी। इसी तरह से सीओ और थानेदारों ने भी सिपाहियों से अफसरों के निर्देशों को अमल में लाने, शिकायतें लेकर थाने, चौकी आने वालों के साथ अच्छा व्यवहार करने, शिकायतें सुनकर उनका निष्पक्षता के साथ निस्तारण करने का निर्देश दिया। बता दें कि शासन के निर्देश पर सप्ताह के शनिवार को समाधान दिवस और रविवार को संवाद दिवस का आयोजन किया जा रहा है।