आषाढ़ा स्थित दुकान का निरीक्षण करती जिला कृषि अधिकारी। स्रोत: स्वयं
किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग सख्त रुख अपनाए हुए है। सोमवार को जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने करारी और अषाढ़ा क्षेत्र में 10 से अधिक उर्वरक विक्रय केंद्रों और सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया।
कृषि अधिकारी ने दुकानों पर उपलब्ध खाद, यूरिया और डीएपी के भंडारण और बिक्री की जानकारी ली। इस दौरान किसानों ने बताया कि उन्हें डीएपी खाद 1350 रुपये प्रति बोरी की दर से प्राप्त हुई है। कृषि अधिकारी ने इसे नियमानुसार सही पाया लेकिन कुछ विक्रेताओं को अनियमितताओं के कारण चेतावनी दी गई।
निरीक्षण में दो दुकानों पर रेट बोर्ड न लगाए जाने की बात सामने आई। इसपर जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने दोनों दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया और निर्धारित समय में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी दुकान पर रेट बोर्ड नहीं होने या अधिक दर पर खाद बेचने की शिकायत मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने अगियौना और गुवारा तैयबपुर स्थित सहकारी समितियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपने केंद्र पर रेट बोर्ड लगाना चाहिए, जिसमें डीएपी, यूरिया के मूल्य स्पष्ट रूप से लिखे हों।