गांवों और कस्बों में ऐसा विकास होना चाहिए कि वह किसी भी आने-जाने वाले को अपने आप दिखे। यह बातें डीएम अखंड प्रताप सिंह ने सोमवार को कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में मासिक समीक्षा बैठक के दौरान विभागाध्यक्षों से कही।
जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने सोमवार को विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने वर्ष 2016-17 के लिए सभी विभागों को दिए गए लक्ष्य की जानकारी की। इस दौरान उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा कि जनपद का ऐसा विकास कराएं कि गांव और कस्बे स्वयं बोलें कि विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी या तो अपनी आदत में सुधार ला लें या फिर कहीं अन्यत्र स्थानांतरण करा लें।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। बैठक में डीएम ने कृषि, उद्यान, माइक्रो कामधेनु, सार्वजनिक निर्माण विभाग, सड़क, राजीव गांधी विद्युतीकरण समेत विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया। इस दौरान डीएम ने पचास लाख से अधिक की योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश कार्यदाई संस्था के जिम्मेदारों को दिया। बैठक में सीडीओ ओम प्रकाश आर्य, सीएमओ डॉ. यूबी सिंह, डीडीओ महेंद्र पांडेय, डीएसटीओ सुनील श्रीवास्तव, उपायुक्त मनरेगा रवी शंकर राय, सीवीओ एसपी पांडेय सहित जिले के सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।