विकास कार्यों की समीक्षा करते डीएम, सीडीओ व सीएमओ। स्रोत: प्रशासन
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकों में विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन, सिंचाई, सड़क निर्माण, पोषण, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
मंझनपुर के उदयन सभागार एवं एनआईसी सभागार में आयोजित बैठकों में जिलाधिकारी ने सबसे पहले जल निगम, नलकूप एवं सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, गृह संयोजन और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में लगातार देरी पर मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित फर्मों पर आर्थिक दंड लगाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने प्रयागराज एयरपोर्ट-कौशाम्बी मार्ग और रामवन गमन पथ के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। जिला पोषण समिति की बैठक में डीएम ने सैम एवं मैम बच्चों की निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों की देखरेख में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोशल सेक्टर योजनाओं की समीक्षा के दौरान वृद्धावस्था, दिव्यांग और अन्य पेंशन योजनाओं से छूटे पात्र लोगों को जोड़ने पर जोर दिया गया। वहीं शिक्षा विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने जून माह के भीतर जर्जर विद्यालय भवनों की नीलामी और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी करने, विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों के आसपास से हाईटेंशन विद्युत तार हटाने की कार्रवाई में भी तेजी लाने को कहा।