जिला उद्योग विभाग अब महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। विभाग न सिर्फ उन्हें प्रशिक्षण दे रहा है, बल्कि उद्योग लगाने के लिए बैंक से ऋण दिलाकर आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 79 महिलाओं को ऋण दिलाया गया है जिससे वह अब खुद का रोजगार चला रही हैं।
उद्योग विभाग की ओर से महिलाओं को सिलाई, पकवान निर्माण, ब्यूटी पार्लर, अगरबत्ती व मोमबत्ती निर्माण, हैंड क्राफ्ट सहित विभिन्न व्यवसायिक कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला उद्योग अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि विभाग विश्वकर्मा योजना के तहत लोगों को उपकरण, टूल किट और प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण उनके लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बन रहा है। बताया गया कि विभाग पांच लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक का ऋण योजना के पात्र लोगों को दिलाने में मदद कर रहा है।
बोलीं महिला उद्यमी
- जिला उद्योग विभाग से पांच लाख का लोन लेकर टेंट हाउस का कारोबार शुरू किया है। कारोबार के शुरू होने से आर्थिक हालत में सुधार आया है। अब परिवार की बेहतरी के बारे में सोच सकती हूं। - प्रियंका देवी, बदलेपुर करारी
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- एक साल पहले विभाग से प्रशिक्षण लिया। इसके बाद रोजगार के लिए मुद्रा योजना से लोन अप्लाई किया था। सरकार पांच लाख का लोन मिला। इसके बाद पति के सहयोग से सरसों का तेल निकालने की मशीन खरीदी। अब पति के साथ मिलकर काम कर रही हूं। - आरती देवी, ओसा